संस्कृत: वन लाइनर नोट्स 10
| ‘तेजः’ अनय सन्धिः भवति— | विसर्गः | MP TET 20.2.19 |
| मधविः इत्यस्य सन्धिः— | यण | MP TET वर्ग-2, 18.2.19 |
| शास्त्रालोकः इत्यस्य सन्धिविच्छेदः अस्ति— | शास्त्र + आलोकः | MP TET वर्ग-2, 18.2.19 |
| ‘चित् + मम’ अन्य सन्धिः अस्ति— | विसर्गसन्धिः | MP TET वर्ग-2, 18.2.19 |
| ‘वाङ्मय’ इत्यस्य सन्धिः— | अनुस्वारसन्धिः | MP TET वर्ग-2, 5.3.19 |
| सन्धिः इत्यस्य विलोमपदं— | विग्रहः | MP TET वर्ग-2, 18.2.19 |
| अजस्त इत्यस्य सन्धिविच्छेदः अस्ति— | अज + अस्ति | MP TET वर्ग-2, 5.3.19 |
| वृद्धिरादेशः सन्धिविशेषः— | आदेश | MP TET वर्ग-2, 5.3.19 |
| बोधे इत्यत्र .......... सन्धिः— | जश्त्वम् | MP TET 1.3.19 |
| कर्मण्येव इत्यस्य सन्धिविच्छेदः अस्ति— | कर्मणि एव | MP TET 26.2.19 |
| अव्ययीभावः .......... भवति— | अव्यय | MP TET 6.3.19 |
| ‘कपालकः’ इत्यस्य सन्धिः— | गुणः | MP TET 6.3.19 |
| ‘शिवोऽहम्’ इत्यस्य सन्धिविच्छेदः भविष्यति— | शिवः + अहम् | MP TET 6.3.19 |
| ‘देवर्षिः’ इति .......... उदाहरणम्— | गुणसन्धिः | MP TET 5.3.19 |
| ‘रुद्रावतारः’ इत्यस्य सन्धिविच्छेदः अस्ति— | रुद्र + अवतारः | MP TET 5.3.19 |
| ‘भगवत्याः’ इत्यस्य सन्धिः भविष्यति— | यणसन्धिः | MP TET 5.3.19 |
| ‘अन्तोऽपि’ इत्यस्य सन्धिविच्छेदः अस्ति— | अन्तः अपि | MP TET 5.3.19 |
| ‘सहसा’ इत्यस्य सन्धि-विच्छेदः अस्ति— | सह + सा | MP TET 28.2.19 |
| ‘स्नेहः’ इत्यस्य .......... सन्धिः अस्ति— | गुणः | MP TET 28.2.19 |
| व्यञ्जनसन्धिः अन्यत् नाम अस्ति— | हल्-सन्धिः | MP TET 2.3.19 |
| ‘नौकायाः’ .......... सन्धिः अस्ति— | गुणः | MP TET 2.3.19 |
| ‘अद्ये’ इत्यत्र .......... सन्धिः अस्ति— | वृद्धिः | MP TET 5.3.19 |
| ‘अयनम्’ इत्यत्र .......... सन्धिः अस्ति— | यणादेशः | MP TET 3.3.19 |
| ‘मन्यन्ताम्’ इत्यत्र .......... भविष्यति— | यण-सन्धिः | MP TET 3.3.19 |
| ‘आदित्योपासकः’ इत्यस्य .......... अस्ति— | गुणः | MP TET वर्ग-2, 18.2.19 |
| सोडषम् इत्यस्य सन्धिविच्छेदः अस्ति— | षः + दशम् | MP TET वर्ग-2, 18.2.19 |
| ‘दर्पणः’ इत्यस्य वर्णः पृथक्-पृथक् रूपे भविष्यति— | द + अ + र् + प + ण + ः | MP TET वर्ग-2, 18.2.19 |
| ‘शुक्रः’ इत्यस्य वर्णः पृथक्-पृथक् रूपे भविष्यति— | शु + क् + र + ः | MP TET वर्ग-2, 18.2.19 |
| ‘गुणदेवः’ इत्यस्य सन्धिः अस्ति— | गुणः | MP TET 7.3.19 |
| इन्द्र + अग्नि = .......... सन्धिः अस्ति— | इन्द्राग्नि | MP TET 7.3.19 |
| ‘तत्वालोकः’ इत्यस्य सन्धिविच्छेदः भविष्यति— | तत्त्व + आलोकः | MP TET 7.3.19 |
| ‘सुदैवः’ इत्यत्र .......... सन्धिः अस्ति— | गुणः | MP TET 1.3.19 |
| ‘नौकाः’ इत्यत्र .......... सन्धिः अस्ति— | गुणः | MP TET 1.3.19 |
| ‘अध्ययनम्’ इत्यत्र .......... सन्धिः विद्यते— | यणादेशः | MP TET 1.3.19 |
| सैवम् इत्यस्य सन्धिविच्छेदः भविष्यति— | सा + एवम् | MP TET वर्ग-2, 17.2.19 |
| चन्द्रः इत्यस्य सन्धिः .......... अस्ति— | गुणः | MP TET वर्ग-2, 17.2.19 |