| ‘होतुकः’ इस शब्द की सिद्धि करने वाला सूत्र है— |
अतः सवर्णे दीर्घः |
H TET, 2013-14 |
| ‘गुण’ संज्ञा करने वाला सूत्र है— |
अद्गुणः |
H TET, 2013-14 |
| ‘पुण्य स्म’ इस शब्द की सिद्धि करने वाला सूत्र है— |
इको यणचि |
H TET, 2013-14 |
| ‘अतादित्व’ सूत्र का उदाहरण है— |
शिवेति |
H TET, 2013-14 |
| ‘तद्धित’ इस सूत्र का उदाहरण है— |
छुत्व |
H TET, 2013-14 |
| ‘चतुर्थेषु’ पद में सन्धि है— |
पूर्वरूप |
H TET, November 2015 |
| ‘षष्ठी’ सूत्र का उदाहरण है— |
तत्स्थ |
H TET, November 2015 |
| ‘शिवाय, सुताय’ इस सूत्र के उदाहरण हैं— |
इको यणचि |
H TET, November 2015 |
| ‘प्रभोः’ पद इस सूत्र का उदाहरण है— |
अचो यवायावः |
H TET, November 2015 |
| ‘चिकीर्षवे’ इस सूत्र का उदाहरण है— |
छुत्व |
H TET, November 2015 |
| ‘श्यामु रजते, हरि स्मः व पुणा स्मः’ इन तीनों पदों की सिद्धि हम जिस सन्धिक्रिया में करेंगे— |
विसर्गसन्धि |
H TET, November 2015 |
| ‘गव्य, नाव्य’ यह पद ............ सूत्र से निष्पन्न होंगे। |
वाली यि प्रत्यय |
H TET, November 2015 |
| प + ऋ + आ + ऋ + ए + अ + न + आ अन्य वर्णसंयोगः— |
प्रार्थना |
MP TET वर्ग-2, 25.2.19 |
| ‘भवः’ इत्यस्य वर्णान् पृथक्-पृथक् रूपः भविष्यति— |
भ + अ + व + अः |
MP वर्ग-2, 22-02-2019 |
| ‘गोमयम्’ इत्यस्य वर्णान् पृथक्-पृथक् रूपः भविष्यति— |
ग + ओ + म + य + अ + म् |
MP वर्ग-2, 21-02-2019 |
| ‘पर्वतः’ इत्यस्य वर्णान् पृथक्-पृथक् रूपः भविष्यति— |
प + अ + र् + व + त + अः |
MP वर्ग-2, 22-02-2019 |
| ‘दाक्षिण्यम्’ इत्यस्य वर्णान् पृथक्-पृथक् रूपः भविष्यति— |
द + आ + क् + षि + ण् + य + अ + म् |
MP वर्ग-2, 22-02-2019 |
| ‘घटः’ इत्यस्य वर्णान् पृथक्-पृथक् रूपः भविष्यति— |
घ + अ + ट + अः |
MP वर्ग-2, 24-02-2019 |
| ‘आत्मगम्’ इत्यस्य वर्णान् पृथक्-पृथक् रूपः भविष्यति— |
आ + त् + म + ग + अ + म् |
MP वर्ग-2, 22-02-2019 |
| ‘शान्तिमयम्’ इत्यस्य वर्णान् पृथक्-पृथक् रूपः भविष्यति— |
श + आ + न् + ति + म + य + अ + म् |
MP वर्ग-2, 25-02-2019 |
| ‘सज्जनम्’ अत्र सन्धिः— |
झलां जशोऽन्ते |
MP वर्ग-2, 22-02-2019 |
| अध्यात्मम् इत्यस्य सन्धिविच्छेदः अस्ति— |
अधि + आत्मम् |
MP वर्ग-2, 25-02-2019 |
| रोम + उद्गमः - अत्र सन्धिः भविष्यति— |
रोमोद्गमः |
MP वर्ग-2, 25-02-2019 |
| कृत्कारः इत्यस्य सन्धिः— |
सवर्णदीर्घः |
MP वर्ग-2, 25-02-2019 |
| ‘गुरुः’ इत्यस्य वर्णान् पृथक्-पृथक् रूपः भविष्यति— |
ग + उ + र + उः |
MP वर्ग-2, 21-02-2019 |
| तारकः इत्यस्य सन्धिः— |
गुण |
MP वर्ग-2, 21-02-2019 |
| केयम् इत्यस्य सन्धिविच्छेदः अस्ति— |
का + इयम् |
MP वर्ग-2, 21-02-2019 |
| ‘आत्मैव’ अत्र सन्धिः भवति— |
वृद्धि |
MP वर्ग-2, 21-02-2019 |
| प्रत्याक्रमणम् इत्यस्य सन्धिविच्छेदनम् एवं भवति— |
प्रति + आक्रमणम् |
MP वर्ग-2, 21-02-2019 |
| ‘त्वरितः’ पदस्य पदविच्छेदः एवं भवति— |
त्वरितः |
MP वर्ग-2, 21-02-2019 |
| ‘एषः’ पदान्तवर्णः ............ सन्धिविच्छेदः भवति। |
पूर्वरूप |
MP वर्ग-2, 22-02-2019 |
| ‘फलानि’ अत्र सन्धिः— |
यण |
MP वर्ग-2, 22-02-2019 |
| तापसी इत्यस्य सन्धिविच्छेदः— |
तपस् + ई |
MP वर्ग-2, 22-02-2019 |
| विवेकलोकः इत्यस्य सन्धिविच्छेदः भविष्यति— |
विवेक + लोकः |
MP वर्ग-2, 22-02-2019 |
| धार्यः इत्यस्य सन्धिः कः— |
यण |
MP वर्ग-2, 22-02-2019 |