| असावयम् इत्यस्य सन्धिविच्छेदः कृतः— |
असौ + अयम् |
MP वर्ग-2, 24-02-2019 |
| तत् + ममः - अत्र सन्धिः अस्ति— |
तन्ममः |
MP वर्ग-2, 22-02-2019 |
| भावोदये इत्यस्य सन्धिः— |
गुण |
MP वर्ग-2, 24-02-2019 |
| भूपालीनः इत्यस्य सन्धिः— |
सवर्णदीर्घ |
MP वर्ग-2, 22-02-2019 |
| अर्थं इत्यस्य सन्धिविच्छेदः— |
अर्थ + एव |
MP वर्ग-2, 22-02-2019 |
| आशालोदयम् - अत्र सन्धिविच्छेदः भविष्यति— |
आशा + उदयम् |
MP वर्ग-2, 21-02-2019 |
| ध्वन्यालोकः इत्यस्य सन्धिविच्छेदः अस्ति— |
ध्वनि + आलोकः |
MP वर्ग-2, 21-02-2019 |
| सुखोपायः इत्यस्य सन्धिः— |
यण |
MP वर्ग-2, 21-02-2019 |
| प्रवास उद्गमः - अत्र सन्धिः भविष्यति— |
प्रवासोद्गमः |
MP वर्ग-2, 25-02-2019 |
| सर्वेन्द्रियम् इत्यस्य सन्धिः— |
वृद्धि |
MP वर्ग-2, 25-02-2019 |
| योधापम् इत्यस्य सन्धिविच्छेदः भविष्यति— |
यः + अपम् |
MP वर्ग-2, 25-02-2019 |
| ‘जानात्वा’ इति पदे सन्धिः— |
अयादि |
MP वर्ग-2, 25-02-2019 |
| ‘विज्ञेय’ ............ सन्धेः उदाहरणम्। |
पूर्वरूप |
MP वर्ग-2, 22-02-2019 |
| ‘तत्त्वम्’ ............ सन्धेः उदाहरणम्। |
परसवर्ण |
MP TET वर्ग-2, 26.2.19 |
| ‘सन्नद्ध’ ............ सन्धेः उदाहरणम्। |
द्वित्व |
MP TET वर्ग-2, 25.2.19 |
| ‘तैत्तिरीय’ इति ............ सन्धेः उदाहरणम्। |
वृद्धि |
MP वर्ग-2, 25-02-2019 |
| ‘सुगन्धम्’ ............ सन्धेः उदाहरणम्। |
जश्त्व |
MP वर्ग-2, 24-02-2019 |
| वाक् + देवता इत्यस्य शब्दसंयोगः— |
वाग्देवता |
MP TET 18.2.19 |
| वाक् + मयम् इत्यस्य शब्दसंयोगः— |
वाङ्मयम् |
MP TET 18.2.19 |
| महा + ऋषिः अत्र शब्द संयोजनम्— |
महर्षिः |
MP TET वर्ग-2, 17.2.19 |
| विसर्गस्य वर्णसंयोगः— |
व + ङ + ज + ञ + आ + न + अ + म् |
MP TET वर्ग-2, 17.2.19 |
| ‘पण्डितः’ इति पदस्य सन्धिविच्छेदः अस्ति— |
पण्ड + इतः |
MP TET 2.3.19 |
| विशेषः इत्यस्य सन्धिविच्छेदः— |
गुणसन्धि |
MP TET वर्ग-2, 16.2.19 |
| कोऽपि अत्र ............ सन्धिः। |
पूर्वरूप |
MP TET वर्ग-2, 16.2.19 |
| गतिशीलः इत्यस्य शब्द सन्धिविग्रहः— |
गति + शीलः |
MP TET वर्ग-2, 16.2.19 |
| ‘स्तोः श्चुना श्चुः’ इति ............ सूत्रम्। |
व्यंजनसन्धेः |
MP TET 6.3.19 |
| ‘ध्वजारोहणम्’ इत्यस्य सन्धिविच्छेदः— |
ध्वज + आरोहणम् |
MP TET 6.3.19 |
| कोऽहम् इत्यस्य सन्धिविच्छेदः भविष्यति— |
कः + अहम् |
MP TET वर्ग-2, 17.2.19 |
| अरुणोदये इत्यस्य सन्धिः— |
गुण |
MP TET वर्ग-2, 17.2.19 |
| विद्या + आलयः - अत्र सन्धिः अस्ति— |
विद्यालयः |
MP TET वर्ग-2, 17.2.19 |
| ‘चराचरम्’ इत्यस्य सन्धिविच्छेदः अस्ति— |
चर + अचरम् |
MP TET वर्ग-2, 18.2.19 |
| ‘गुणेषु’ इति पदस्य सन्धिविच्छेदः अस्ति— |
गुणे + षु |
MP TET 1.3.19 |
| ‘सुखेषु’ इत्यस्य पदविच्छेदः एवं भवति— |
सुख + षु |
MP TET 1.3.19 |
| ‘तदनन्तरम्’ अत्र सन्धिविच्छेदः— |
तत् + अनन्तरम् |
MP TET 1.3.19 |
| देवात्मा अत्र शब्द सन्धिविच्छेदः— |
देवता + आत्मा |
MP TET 1.3.19 |
| एतत् सन्धिविच्छेदः विकल्पः अस्ति— |
अहमस्मि |
MP TET 1.3.19 |