संस्कृत: वन लाइनर नोट्स 9

संस्कृत: वन लाइनर नोट्स 9



असावयम् इत्यस्य सन्धिविच्छेदः कृतः— असौ + अयम् MP वर्ग-2, 24-02-2019
तत् + ममः - अत्र सन्धिः अस्ति— तन्ममः MP वर्ग-2, 22-02-2019
भावोदये इत्यस्य सन्धिः— गुण MP वर्ग-2, 24-02-2019
भूपालीनः इत्यस्य सन्धिः— सवर्णदीर्घ MP वर्ग-2, 22-02-2019
अर्थं इत्यस्य सन्धिविच्छेदः— अर्थ + एव MP वर्ग-2, 22-02-2019
आशालोदयम् - अत्र सन्धिविच्छेदः भविष्यति— आशा + उदयम् MP वर्ग-2, 21-02-2019
ध्वन्यालोकः इत्यस्य सन्धिविच्छेदः अस्ति— ध्वनि + आलोकः MP वर्ग-2, 21-02-2019
सुखोपायः इत्यस्य सन्धिः— यण MP वर्ग-2, 21-02-2019
प्रवास उद्गमः - अत्र सन्धिः भविष्यति— प्रवासोद्गमः MP वर्ग-2, 25-02-2019
सर्वेन्द्रियम् इत्यस्य सन्धिः— वृद्धि MP वर्ग-2, 25-02-2019
योधापम् इत्यस्य सन्धिविच्छेदः भविष्यति— यः + अपम् MP वर्ग-2, 25-02-2019
‘जानात्वा’ इति पदे सन्धिः— अयादि MP वर्ग-2, 25-02-2019
‘विज्ञेय’ ............ सन्धेः उदाहरणम्। पूर्वरूप MP वर्ग-2, 22-02-2019
‘तत्त्वम्’ ............ सन्धेः उदाहरणम्। परसवर्ण MP TET वर्ग-2, 26.2.19
‘सन्नद्ध’ ............ सन्धेः उदाहरणम्। द्वित्व MP TET वर्ग-2, 25.2.19
‘तैत्तिरीय’ इति ............ सन्धेः उदाहरणम्। वृद्धि MP वर्ग-2, 25-02-2019
‘सुगन्धम्’ ............ सन्धेः उदाहरणम्। जश्त्व MP वर्ग-2, 24-02-2019
वाक् + देवता इत्यस्य शब्दसंयोगः— वाग्देवता MP TET 18.2.19
वाक् + मयम् इत्यस्य शब्दसंयोगः— वाङ्मयम् MP TET 18.2.19
महा + ऋषिः अत्र शब्द संयोजनम्— महर्षिः MP TET वर्ग-2, 17.2.19
विसर्गस्य वर्णसंयोगः— व + ङ + ज + ञ + आ + न + अ + म् MP TET वर्ग-2, 17.2.19
‘पण्डितः’ इति पदस्य सन्धिविच्छेदः अस्ति— पण्ड + इतः MP TET 2.3.19
विशेषः इत्यस्य सन्धिविच्छेदः— गुणसन्धि MP TET वर्ग-2, 16.2.19
कोऽपि अत्र ............ सन्धिः। पूर्वरूप MP TET वर्ग-2, 16.2.19
गतिशीलः इत्यस्य शब्द सन्धिविग्रहः— गति + शीलः MP TET वर्ग-2, 16.2.19
‘स्तोः श्चुना श्चुः’ इति ............ सूत्रम्। व्यंजनसन्धेः MP TET 6.3.19
‘ध्वजारोहणम्’ इत्यस्य सन्धिविच्छेदः— ध्वज + आरोहणम् MP TET 6.3.19
कोऽहम् इत्यस्य सन्धिविच्छेदः भविष्यति— कः + अहम् MP TET वर्ग-2, 17.2.19
अरुणोदये इत्यस्य सन्धिः— गुण MP TET वर्ग-2, 17.2.19
विद्या + आलयः - अत्र सन्धिः अस्ति— विद्यालयः MP TET वर्ग-2, 17.2.19
‘चराचरम्’ इत्यस्य सन्धिविच्छेदः अस्ति— चर + अचरम् MP TET वर्ग-2, 18.2.19
‘गुणेषु’ इति पदस्य सन्धिविच्छेदः अस्ति— गुणे + षु MP TET 1.3.19
‘सुखेषु’ इत्यस्य पदविच्छेदः एवं भवति— सुख + षु MP TET 1.3.19
‘तदनन्तरम्’ अत्र सन्धिविच्छेदः— तत् + अनन्तरम् MP TET 1.3.19
देवात्मा अत्र शब्द सन्धिविच्छेदः— देवता + आत्मा MP TET 1.3.19
एतत् सन्धिविच्छेदः विकल्पः अस्ति— अहमस्मि MP TET 1.3.19
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