CDP: विकास की अवधारणा और अधिगम के साथ उसका सम्बन्ध नोट्स पार्ट 3

 CDP: विकास की अवधारणा और अधिगम के साथ उसका सम्बन्ध नोट्स पार्ट 3




अनुकरण की प्रक्रिया में सर्वप्रथम शिशु अनुकरण करता है— स्वर वर्णों का B TET (I-V) 23.07.2017
नर्सरी कक्षा में शुरुआत करने के लिए सबसे अच्छी विषयवस्तु है— मेरा परिवार DSSSB PRT
UKTET-2014 (I-V)
CTET-2012 (I-V)
एक बच्चा ईर्ष्या का प्रदर्शन करता है— 18 माह की आयु में Haryana TET Paper-I (Class I-V) 2011
शिशुओं के मस्तिष्क को ‘खाली स्लेट’ माना गया— जॉन लॉक H TET (I-V) 2020
नवजात शिशु का भार होता है— 7 पाउंड Bihar TET Paper-I (Class I-V) 2011
DSSSB PRT
“गाल को छूने पर सिर को घुमाना एवं मुख खोलना” नवजात शिशुओं में उपस्थित प्रकार के प्रतिवर्त के अन्तर्गत आता है— रूटिंग U TET Paper-2 2021
बच्चे लगभग इस आयु से सहकर्मी समूह का अनुभव करना शुरू कर देते हैं— तीन वर्ष MP TET (VI-VIII) 26 Feb 2019 (9:30 AM)
विकास का वह चरण जब कोई जीव सबसे तेजी से किसी विशेष कौशल या विशेषता को प्राप्त कर सकता है, कहलाता है— संवेदनशील अवधि CTET (VI-VIII) 24.12.2021
बच्चों के विकास के संदर्भ में ‘संवेदनशील चरण’ से तात्पर्य है— किसी व्यक्ति में विशेष क्षमताओं के उद्भव का उत्कृष्ट चरण CTET (I-V) 27.12.2021
........... उस विशेष समय को कहा जाता है जब बच्चे उनके वातावरण में खास प्रकार से उद्दीपनों के प्रति विशेष रूप से अनुक्रियाशील होते हैं। संवेदनशील अवधि CTET (VI-VIII) 17.01.2022
शारीरिक विकास किस स्तर पर तेजी से होता है— शैशवावस्था में UK TET (I-V) 14.12.2018
DSSSB PRT
बच्चों में आदत विकसित होती है— जन्म से Jharkhand TET (VI-VIII) 2016
मनोगत विकास होता है— शैशव काल में Jharkhand TET (I-V) 2012
बालक की बुद्धि तेजी से विकसित होती है— जन्म से तीन वर्ष तक HP TET (Arts) Nov. 2019
पूर्व-प्राथमिक शिक्षा ग्रहण करने के लिए उपयुक्त आयु है— 2-6 वर्ष HP TET (Arts) Feb. 2013
शैशवावस्था को सीखने का आदर्श काल कहा है— वैलेन्टाइन HP TET (Arts) Dec. 2014
बच्चों में सबसे अधिक पाये जाने वाला स्वभाव है— अनुकरण करने का CG TET (VI-VIII) 09.01.2022
बाल विकास की अवस्था जिसमें भाषा सीखने की सर्वोत्तम अवस्था कहा जाता है— शैशवावस्था CG TET (I-V) 09.01.2022
........... में शब्दों को दोहराने की प्रवृत्ति विशेष रूप से पाई जाती है। शैशवावस्था CG TET (I-V) 2017
नवजात शिशु की संवेदी क्षमताएँ व क्रियाएँ इतनी तीव्र होती हैं कि— नवजात शिशु कई चीजों का भेद कर सकता है जैसे आवाज, गंध व रंग को पहचानना CG TET (I-V) 2016
शैशवावस्था मानव विकास की ............ प्रमुख अवस्था है। प्रथम Bihar TET Paper-I (Class I-V) 2013
B TET (I-V) 23.07.2017
शैशवावस्था में बच्चों के क्रिया-कलाप ............ होते हैं। मूलप्रवृत्त्यात्मक UP TET Paper-I (Class I-V) 27 June 2013
UP TET-2016 (I-V)
स्व-केंद्रित अवस्था होती है बालक के— 3 से 6 वर्ष तक UP TET Paper-I (Class I-V) 27 June 2013
शिशु ............ की उम्र तक अनजानों से झिझकना या शर्माना विकसित करते हैं। छह महीने MP TET (VI-VIII) 21 Feb 2019 (2:30 PM)
प्रारंभिक अवस्था में शिशु अत्यधिक ............ होते हैं। स्वकेन्द्रित MP TET (VI-VIII) 17 Feb 2019 (2:30 PM)
VIII. बाल्यावस्था की विशेषताएँ
विकास का एक अधिनियम है कि विकास प्रतिमान के विभिन्न काल में खुशी भिन्न-भिन्न होती है। इस अधिनियम के अनुसार— जीवन का प्रथम वर्ष सबसे अधिक खुशी का एवं वयः सन्धि काल सबसे अधिक दुःखी काल होता है Rajasthan TET Paper-II (Class VI-VIII) 2012
6-11 वर्ष आयु वर्ग के छात्रों की आवश्यकता है— कक्षा-कक्ष में प्रजातांत्रिक वातावरण की सीखने में स्वतंत्रता की क्रिया आधारित, अन्तःक्रियात्मक अधिगम की Haryana TET Paper-I (Class I-V) 2011
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