CDP: विकास की अवधारणा और अधिगम के साथ उसका सम्बन्ध नोट्स पार्ट 3
| अनुकरण की प्रक्रिया में सर्वप्रथम शिशु अनुकरण करता है— | स्वर वर्णों का | B TET (I-V) 23.07.2017 |
| नर्सरी कक्षा में शुरुआत करने के लिए सबसे अच्छी विषयवस्तु है— | मेरा परिवार | DSSSB PRT UKTET-2014 (I-V) CTET-2012 (I-V) |
| एक बच्चा ईर्ष्या का प्रदर्शन करता है— | 18 माह की आयु में | Haryana TET Paper-I (Class I-V) 2011 |
| शिशुओं के मस्तिष्क को ‘खाली स्लेट’ माना गया— | जॉन लॉक | H TET (I-V) 2020 |
| नवजात शिशु का भार होता है— | 7 पाउंड | Bihar TET Paper-I (Class I-V) 2011 DSSSB PRT |
| “गाल को छूने पर सिर को घुमाना एवं मुख खोलना” नवजात शिशुओं में उपस्थित प्रकार के प्रतिवर्त के अन्तर्गत आता है— | रूटिंग | U TET Paper-2 2021 |
| बच्चे लगभग इस आयु से सहकर्मी समूह का अनुभव करना शुरू कर देते हैं— | तीन वर्ष | MP TET (VI-VIII) 26 Feb 2019 (9:30 AM) |
| विकास का वह चरण जब कोई जीव सबसे तेजी से किसी विशेष कौशल या विशेषता को प्राप्त कर सकता है, कहलाता है— | संवेदनशील अवधि | CTET (VI-VIII) 24.12.2021 |
| बच्चों के विकास के संदर्भ में ‘संवेदनशील चरण’ से तात्पर्य है— | किसी व्यक्ति में विशेष क्षमताओं के उद्भव का उत्कृष्ट चरण | CTET (I-V) 27.12.2021 |
| ........... उस विशेष समय को कहा जाता है जब बच्चे उनके वातावरण में खास प्रकार से उद्दीपनों के प्रति विशेष रूप से अनुक्रियाशील होते हैं। | संवेदनशील अवधि | CTET (VI-VIII) 17.01.2022 |
| शारीरिक विकास किस स्तर पर तेजी से होता है— | शैशवावस्था में | UK TET (I-V) 14.12.2018 DSSSB PRT |
| बच्चों में आदत विकसित होती है— | जन्म से | Jharkhand TET (VI-VIII) 2016 |
| मनोगत विकास होता है— | शैशव काल में | Jharkhand TET (I-V) 2012 |
| बालक की बुद्धि तेजी से विकसित होती है— | जन्म से तीन वर्ष तक | HP TET (Arts) Nov. 2019 |
| पूर्व-प्राथमिक शिक्षा ग्रहण करने के लिए उपयुक्त आयु है— | 2-6 वर्ष | HP TET (Arts) Feb. 2013 |
| शैशवावस्था को सीखने का आदर्श काल कहा है— | वैलेन्टाइन | HP TET (Arts) Dec. 2014 |
| बच्चों में सबसे अधिक पाये जाने वाला स्वभाव है— | अनुकरण करने का | CG TET (VI-VIII) 09.01.2022 |
| बाल विकास की अवस्था जिसमें भाषा सीखने की सर्वोत्तम अवस्था कहा जाता है— | शैशवावस्था | CG TET (I-V) 09.01.2022 |
| ........... में शब्दों को दोहराने की प्रवृत्ति विशेष रूप से पाई जाती है। | शैशवावस्था | CG TET (I-V) 2017 |
| नवजात शिशु की संवेदी क्षमताएँ व क्रियाएँ इतनी तीव्र होती हैं कि— | नवजात शिशु कई चीजों का भेद कर सकता है जैसे आवाज, गंध व रंग को पहचानना | CG TET (I-V) 2016 |
| शैशवावस्था मानव विकास की ............ प्रमुख अवस्था है। | प्रथम | Bihar TET Paper-I (Class I-V) 2013 B TET (I-V) 23.07.2017 |
| शैशवावस्था में बच्चों के क्रिया-कलाप ............ होते हैं। | मूलप्रवृत्त्यात्मक | UP TET Paper-I (Class I-V) 27 June 2013 UP TET-2016 (I-V) |
| स्व-केंद्रित अवस्था होती है बालक के— | 3 से 6 वर्ष तक | UP TET Paper-I (Class I-V) 27 June 2013 |
| शिशु ............ की उम्र तक अनजानों से झिझकना या शर्माना विकसित करते हैं। | छह महीने | MP TET (VI-VIII) 21 Feb 2019 (2:30 PM) |
| प्रारंभिक अवस्था में शिशु अत्यधिक ............ होते हैं। | स्वकेन्द्रित | MP TET (VI-VIII) 17 Feb 2019 (2:30 PM) |
| VIII. बाल्यावस्था की विशेषताएँ | ||
| विकास का एक अधिनियम है कि विकास प्रतिमान के विभिन्न काल में खुशी भिन्न-भिन्न होती है। इस अधिनियम के अनुसार— | जीवन का प्रथम वर्ष सबसे अधिक खुशी का एवं वयः सन्धि काल सबसे अधिक दुःखी काल होता है | Rajasthan TET Paper-II (Class VI-VIII) 2012 |
| 6-11 वर्ष आयु वर्ग के छात्रों की आवश्यकता है— | कक्षा-कक्ष में प्रजातांत्रिक वातावरण की सीखने में स्वतंत्रता की क्रिया आधारित, अन्तःक्रियात्मक अधिगम की | Haryana TET Paper-I (Class I-V) 2011 |