CDP: विकास की अवधारणा और अधिगम के साथ उसका सम्बन्ध नोट्स पार्ट 6
| 6-11 वर्ष आयु वर्ग के बालकों की विशेषताएँ हैं— बालक सीखने में रुचि नहीं रखते हैं | ||
| एक सामान्य 12 वर्ष की आयु के बच्चे में सबसे अधिक होना सम्भव है— | समकक्षी के अनुमोदन के लिए बेचैनी UP TET Paper-II (Class VI-VIII) 13 Nov 2011 |
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| IX. किशोरावस्था की विशेषताएँ | ||
| अर्नेस्ट जोंस के अनुसार, किशोरावस्था की आयु सीमा है— | 12 साल से 18 साल | Assam TET (VI-VIII) 10.11.2019 |
| किशोर काल में किसी एक शिशु को .......... का सामना करना पड़ता है। | यौन संबंधी समस्याएं, मानसिक संकट की समस्या, अपराध प्रवृत्ति की समस्या, सामाजिक समायोजन की समस्या, आत्मनिर्भरता की समस्या | Assam TET (VI-VIII) 10.11.2019 |
| वे गणितीय प्रश्न जो परिकल्पना परिस्थितियों से संबंधित हैं और बीजगणितीय चिन्तन आधारित करते हैं, प्रारम्भिक विद्यालयों का एक भाग हैं। इस विचार का आधार है कि किशोरावस्था के छात्र .......... कार्य करने में सक्षम हैं— | अमूर्त चिंतन | CTET (VI-VIII) 30.12.2021 |
| वह अवधि जिसके दौरान विचार अमूर्त और आदर्शवादी हो जाते हैं— | किशोरावस्था | CTET (VI-VIII) 01.01.2022 |
| किशोरावस्था की विशेषताओं को संक्षेप में व्यक्त करने वाला एक शब्द है— | परिवर्तन | CG TET (I-V) 2017 |
| विकास की अवस्था जिसमें स्वतंत्रता की स्थापना, अस्मिता का विकास और अमूर्त चिंतन की अवस्था का लक्षण है— | किशोरावस्था | CTET (VI-VIII) 31.12.2021 |
| विकास की वह अवस्था, जब आत्मसम्मान मानकों पर प्रश्न उठाया जाता है और अक्सर परिवार की तुलना में साथियों की राय बहुत महत्वपूर्ण हो जाती है— | किशोरावस्था | CTET (VI-VIII) 31.12.2021 |
| विकास के चरण जिसमें बहुत से हार्मोन सम्बन्धी परिवर्तन होते हैं तथा अपनी पहचान की सक्रिय खोज प्रारम्भ हो जाती है— | किशोरावस्था | CTET (VI-VIII) 30.12.2021 |
| जीवन की वह अवस्था जिसका प्रारम्भ यौनिपक्वता से होता है जब यौन परिपक्वता या प्रजनन करने की क्षमता प्राप्त कर ली जाती है, सामान्यतया कहलाती है— | किशोरावस्था | U TET (I-V) 2021 |
| जीवन का वह काल जब शरीर में प्रजनन परिपक्वता सम्बन्धी परिवर्तन होता है, कहलाता है— | किशोरावस्था | CG TET (I-V) 2016 |
| बच्चे के विकास का वह चरण जिसके दौरान सृजनात्मकता और कल्पना शक्ति का चरम होता है— | प्रारंभिक किशोरावस्था (14-18) | Jharkhand TET (VI-VIII) 2012 |
| किशोरावस्था/टीन की उम्र होती है— | 13-18 वर्ष | Jharkhand TET (VI-VIII) 2012 HP TET (Arts) Nov. 2019 |
| किशोरावस्था के दौरान कई प्रकार के तनाव और चिन्ताएं होती हैं। शिक्षकों को चाहिए— | सहानुभूतिपूर्ण होना और सहायक वातावरण में आगे बढ़ाना | Jharkhand TET (I-V) 2012 |
| ऊँची भावनात्मकता, उत्साह और अस्थिरता की अवधि, भावनाओं के निर्माण और मार्गदर्शन के रूप में जाना जाता है— | किशोरावस्था | HP TET June 2019 |
| सभी किशोर .......... का अनुभव कर सकते हैं। | दुविधाएं और स्वयं से सरोकार | HP TET June 2019 |
| 'Adolescence' (किशोरावस्था) एक यूनानी शब्द ‘adolescere’ से बना है, जिसका सबसे उचित अर्थ है— | परिपक्व विकास | HP TET (Arts) Feb. 2013 |
| पहचान निर्माण किया जाता है— | किशोरावस्था में | HP TET (Arts) (I-V) 13.11.2021 |
| कक्षा शिक्षण-अधिगम अंतः क्रियाओं को सुगम करने हेतु .......... रणनीति उत्तर किशोरावस्था के विकास से संबंधित है— | विचारों के प्रति आदान-प्रदान के साथ आधुनिकीकरण | CG TET (I-V) 09.01.2022 |
| किशोर जोखिमपूर्ण व्यवहारों में भाग ले सकते हैं क्योंकि वे— | अपनी किसी भी गतिविधियों के बारे में तार्किक रूप से सोच नहीं पाते | CG TET (I-V) 2017 |
| वह अवस्था जिसमें शारीरिक, मानसिक एवं संवेगात्मक परिवर्तन तीव्र होते हैं— | किशोरावस्था | CG TET (I-V) 2016 |
| पद ‘संवेगात्मक क्रांति’ जिस अवस्था से अधिक जुड़ा हुआ है— | किशोरावस्था से | Haryana TET Paper-II (Class VI-VIII) 1 Feb 2014 |
| वह अवधि जो वयस्कता के संक्रमण की पहल करती है, उसे कहते हैं— | किशोरावस्था | C TET (I-V) 7 Jul. 2019 |
| बाल विकास का वह चरण जिसमें विपरीत लिंग की ओर अधिकतम आकर्षण दिखता है— | किशोरावस्था | DSSSB Assistant Teacher Education Dept. |
