संस्कृत: वन लाइनर नोट्स 12
| ‘कुण्डलिन्या’ में समास है— | बहुव्रीहि | UK TET, January 2011 (VI-VIII) |
| व्याकरणे तत्पुरुष समास के भेद हैं— | षट् | UK TET, January 2011 (VI-VIII) |
| ‘परमेश्वरम्’ में समास है— | तत्पुरुष | UK TET, January 2011 (VI-VIII) |
| ‘पितरो’ समस्तपद में समास है— | एकशेष द्वन्द्वसमास | UK TET, January 2011 (VI-VIII) |
| “नागार्जुनः” अस्मिन् पदे विग्रहः स्थान— | नागानाम् अधिराजः | UK TET, January 2011 (VI-VIII) (Special) |
| “आमोदवत्” अस्मिन् पदे समासोऽस्ति— | अव्ययीभाव | UK TET, January 2011 (VI-VIII) (Special) |
| ‘पितृशब्दकः’ का समास विग्रह होगा— | पितुः शब्दकः | UK TET, January 2011 (VI-VIII) (Special) |
| ‘सीतारामौ’ में समास है— | द्वन्द्व | UK TET, January 2011 (VI-VIII) (Special) |
| ‘अश्वत्थः’ में समास होगा— | बहुव्रीहि | UK TET, January 2011 (VI-VIII) (Special) |
| अव्ययीभाव समास का उदाहरण है— | उपनाम | Bihar TET, December 2011 (VI-VIII) |
| समासस्य .......... मुख्य भेदः— | चत्वारः | Bihar TET, February 2012 (VI-VIII) |
| ‘महाकाव्यम्’ में समास है— | कर्मधारय | Bihar TET, February 2012 (VI-VIII) |
| ‘नीलकमलम्’ में विशेषण है— | नीलम् | Bihar TET, February 2012 (VI-VIII) |
| ‘कुम्भकारः’ विग्रह का समस्त पद है— | कुम्भं करोति | Bihar TET, February 2012 (VI-VIII) |
| ‘देवपुरुषः’ में समास है— | तत्पुरुष | Bihar TET, February 2012 (VI-VIII) |
| ‘तत्पुरुषः’ पद में समास है— | षष्ठी तत्पुरुष | H TET, 2013-14 |
| ‘भूतपूर्वः’ पद में समास है— | सप्तमी तत्पुरुष | H TET, 2013-14 |
| ‘राजः’ समाप्य का समस्तपद है— | उपराजः | H TET, 2013-14 |
| ‘हेमन्तः’ शब्द में समास है— | षष्ठी तत्पुरुष | H TET, 2013-14 |
| ‘धनाढ्यः’ यहाँ इस अर्थ में द्वन्द्व समास समझें— | अत्यन्तधनवान | H TET, 2013-14 |
| ‘सप्त सिंधवः’ का समस्तपद है— | सप्तसिंधवम् | H TET, November 2015 |
| ‘गृहस्थानाम्’ पद में समास होगा— | तृतीया तत्पुरुष | H TET, November 2015 |
| ‘हरि शब्दस्य प्रकाशः’ का समस्तपद होगा— | हरिप्रकाशः | H TET, November 2015 |
| ‘पूर्वपक्षः’ पद में समास— | उपमानोत्तरपद कर्मधारयसमास | H TET, November 2015 |
| ‘भूतपूर्वः’ पद में समास है— | केवल समास | H TET, November 2015 |
| सुप्तशय्या: पुनः .......... अस्ति। | सप्तमी | MP वर्ग-2, 21-02-2019 |
| ‘नीलकण्ठः’ अन्य समासः— | कर्मधारय | MP वर्ग-2, 25.2.19 |
| लोको: भवेत्— | तापसः | MP वर्ग-2, 21-02-2019 |
| ‘आकाशपतिः’ इत्यस्य विग्रहवाक्य अस्ति— | आकाशस्य पतिः | MP वर्ग-2, 22-02-2019 |
| मासेन इत्यस्य विग्रहवाक्य— | मासस्य अन्ते | MP वर्ग-2, 25-02-2019 |
| क्रीडावसरः इत्यस्य विग्रहवाक्य— | क्रीडायाः अवसरः | MP वर्ग-2, 21-02-2019 |
| युद्धिष्ठिरः .......... अस्ति। | अलुक् समास | MP वर्ग-2, 21-02-2019 |
| काव्यलीला अस्य .......... समासः। | कर्मधारय | MP वर्ग-2, 22-02-2019 |
| ‘अन्नपूर्णा’ इत्यस्य अन्य समासः— | नञ्तत्पुरुष | MP वर्ग-2, 22-02-2019 |
| देवपुत्रः .......... समासः। | तत्पुरुष | MP वर्ग-2, 22-02-2019 |
| पीतवस्त्रः इत्यस्य विग्रहवाक्य— | पीतं वस्त्रम् | MP वर्ग-2, 22-02-2019 |