संस्कृत: वन लाइनर नोट्स 13
| महापुरुषः इत्यस्य विग्रहवाक्य अस्ति— | महान् पुरुषः | MP वर्ग-2, 24-02-2019 |
| ‘धर्मसंघः’ इत्यस्य विग्रहवाक्य भविष्यति— | धर्मस्य संघः | MP वर्ग-2, 22-02-2019 |
| महानामः इत्यस्य विग्रहवाक्य अस्ति— | महान् नामः | MP वर्ग-2, 21-02-2019 |
| ‘यात्रावसरः’ इत्यस्य विग्रहवाक्य— | यात्रायाः अवसरः | MP TET वर्ग-2, 17.2.19 |
| गीतायाः इत्यस्य विग्रहवाक्य— | गीतायाः अन्ते | MP वर्ग-2, 25-02-2019 |
| प्रायोग उत्तरपदप्रधानः समासः अस्ति— | तत्पुरुष | MP वर्ग-2, 22-02-2019 |
| उपनेत्रम् .......... समासः। | अव्ययीभाव | MP TET वर्ग-2, 26.2.19 |
| प्राप्तिकः .......... समासः। | समानाधिकरण-बहुव्रीहि | MP TET वर्ग-2, 25.2.19 |
| ‘गङ्गाजलम्’ अस्य विग्रहवाक्यं एव भवति— | गङ्गायाः जलम् | MP वर्ग-2, 25-02-2019 |
| विश्वविद्यालयः इत्यस्य विग्रहवाक्यं एव भवति— | विश्वस्य विद्यालयः | MP वर्ग-2, 25-02-2019 |
| मोक्षमार्गम् अस्य समासोऽस्ति— | षष्ठी तत्पुरुष | MP वर्ग-2, 24-02-2019 |
| ‘नवनीतम्’ इत्यस्य विग्रहवाक्य— | नवम् नीतम् | MP TET 6.3.19 |
| निर्गतः इत्यस्य विग्रहवाक्यं इदम्— | निः गतः | MP वर्ग-2, 17.2.19 |
| ‘बालः’ इत्यस्य अर्थ निर्दिष्टः— | रूपलिङ्गः | MP TET वर्ग-2, 17.2.19 |
| ‘दुर्जनसंसर्गः’ अत्र समासः— | तत्पुरुष | MP वर्ग-2, 17.2.19 |
| त्रिलोके .......... समासः। | द्विगु | MP TET 2.3.19 |
| निर्जरः इत्यस्य विग्रहवाक्यं भविष्यति— | निः जरः | MP TET वर्ग-2, 17.2.19 |
| देशाटनम् इत्यस्य समासः अभवत्— | तत्पुरुष | MP वर्ग-2, 18.2.19 |
| “कविः” अत्र समासः अस्ति— | तत्पुरुष | MP TET 20.2.19 |
| ‘पुरुषोत्तमः’ इत्यत्र समासः अस्ति— | कर्मधारय | MP TET वर्ग-2, 18.2.19 |
| ‘नीलमेघः’ इत्यस्य विग्रहवाक्य— | नीलः मेघः | MP TET वर्ग-2, 18.2.19 |
| उत्तमः इत्यस्य विग्रहवाक्य— | उत् तमः | MP TET वर्ग-2, 18.2.19 |
| .............. पदप्रधानः द्वन्द्वः। | उभय | MP TET वर्ग-2, 18.2.19 |
| प्राचार्यः .......... समासः। | तत्पुरुष | MP TET 1.3.19 |
| ‘अग्निपुत्रः’ अत्र समासः अस्ति। | तत्पुरुष | MP TET 1.3.19 |
| ‘वक्रवाणी’ इत्यस्य विग्रहवाक्य— | वक्रा वाणी | MP TET वर्ग-2, 18.2.19 |
| ‘वज्रकोटः’ इत्यस्य विग्रहवाक्य— | वज्र इव कोटः | MP TET वर्ग-2, 18.2.19 |
| .............. पदप्रधानः अव्ययीभाव। | पूर्व | MP TET वर्ग-2, 18.2.19 |
| ‘देशभक्तः’ इत्यस्य विग्रहवाक्य अस्ति— | देशस्य भक्तः | MP TET 2.3.19 |
| ‘सौन्दर्यबोधः’ इत्यस्य विग्रहवाक्य अस्ति— | सौन्दर्यस्य बोधः | MP TET 5.3.19 |
| ‘गुरुभक्तः’ इत्यस्य विग्रहवाक्य— | गुरोः भक्तः | MP TET 2.3.19 |
| पीतवस्त्रः इति .......... समासः। | बहुव्रीहि | MP TET 2.3.19 |
| कुशकारः इत्यत्र .......... समासः। | तत्पुरुष | MP TET 2.3.19 |
| विवाहावसरः इत्यस्य विग्रहवाक्य अस्ति— | विवाहस्य अवसरः | MP TET वर्ग-2, 18.2.19 |
| ‘भोजनराजः’ इत्यस्य विग्रहवाक्य अस्ति— | भोजनः इति राजा | MP TET 28.2.19 |
| ‘विद्याधनम्’ इत्यस्य विग्रहवाक्य किम्— | विद्या एव धनम् | MP TET वर्ग-2, 28.2.19 |
| सत्सङ्गः इत्यस्य विग्रहवाक्य किम्— | सताम् सङ्गः | MP TET 7.3.19 |
| द्वन्द्वसमासस्य उदाहरणम्— | रामकृष्णौ | CTET January-2012 (I-V) |
| ‘अहोरात्रम्’ पद में समास है— | द्वन्द्व समास | UPTET February-2014 (VI-VIII) (Bhasha Special) |
| सिंहस्य पर्यायवाची अस्ति— | पञ्चाननः | MP वर्ग-2, 21-02-2019 |