हिन्दी वन लाइनर नोट्स 3
| अपने आरंभिक वर्षों में बच्चे दीवार, फर्श और कॉपी/उत्तरपुस्तिका में आड़ी-तिरछी रेखाएँ बनाते हैं। भाषा सीखने में यह अवस्था कहलाती है— | प्रारंभिक साक्षरता | CTET (I-V) 23.12.2021 |
| बच्चों में मातृभाषा के विकास को सामान्यतः माना जाता है— | भाषा अर्जन | CTET (I-V) 23.12.2021 |
| भाषा सीखने के आरंभिक वर्षों में कहानियाँ हैं— | भाषा सीखने हेतु निवेश | CTET (I-V) 23.12.2021 |
| भाषा-अर्जन का अर्थ है— | किसी भाषा को अनौपचारिक परिवेश में अनजाने में ही सीख लेना | CTET (I-V) 27.12.2021 |
| विद्यार्थी प्रथम भाषा सीखते हैं— | प्राकृतिक वातावरण में | CTET (I-V) 27.12.2021 |
| भाषा अधिगम की अवचेतन प्रक्रिया है— | भाषा अर्जन | CTET (I-V) 12.01.2022 |
| किसी शिक्षार्थी की भाषा विषय क्षेत्र में किसी विशेष कमजोरी को पहचाना जा सकता है— | निदानात्मक परीक्षण के द्वारा | CTET (I-V) 12.01.2022 |
| प्रथम भाषा के अर्जन में महत्वपूर्ण कारक है— | अवसरों की प्रचुरता | CTET (I-V) 12.01.2022 |
| विविध परिस्थितियों में भाषा का उपयुक्त एवं प्रभावी उपयोग करने के लिए हमें आवश्यकताएँ हैं— | संदर्भ के अनुसार व्याकरण के उपयोग पर ध्यान देने की | CTET (I-V) 21.01.2022 |
| विद्यालय के शुरुआती दिनों में शिक्षार्थी से घर की भाषा का उपयोग करना— | घर से विद्यालय में सहज समायोजन करता है | CTET (I-V) 21.01.2022 |
| बच्चों के भाषा विकास का सबसे अधिक महत्वपूर्ण पहलू है— | उन्हें भाषा का अवसर मिलना | CTET (I-V) 21.01.2022 |
| लिखना सीखने में क्रीस-कॉस (स्क्रिब्लिंग) एक महत्वपूर्ण चरण है क्योंकि बच्चे प्रयास करते हैं— | अपने लिए चिन्हों से अर्थ निकालने का | CTET (I-V) 21.01.2022 |
| अध्यापक द्वारा आयोजित किसी गतिविधि में संलग्न बच्चों के साथ अंतःक्रिया— | संदर्भानुसार भाषा और संप्रेषण विकसित करने में सहायता करती है | CTET (I-V) 21.01.2022 |
| कहानियाँ बच्चों को भाषा अधिगम का आनंद लेने तथा उन्हें .......... विकसित करने के लिए प्रोत्साहित करती हैं। | साहित्य की सराहना बोध | CTET (I-V) 21.01.2022 |
| बच्चे अपने लिखने की शुरुआती यात्रा आड़ी-तिरछी रेखाएँ बनाकर करते हैं, ये चिन्ह कहलाते हैं— | क्रीस क्रॉस/स्क्रिब्लिंग | CTET (I-V) 21.01.2022 |
| सभी बच्चे उन गतिविधियों द्वारा अभिप्रेरित होते हैं— | जो बच्चों के लिए अर्थपूर्ण होती हैं | CTET (I-V) 21.01.2022 |
| प्राथमिक स्तर पर किसी गतिविधि या किसी खेल के लिए निर्देश दिया जाना चाहिए— | बच्चों की घर की भाषा या मातृ भाषा में | CTET (I-V) 21.01.2022 |
| कविता के शिक्षण-अधिगम का मुख्य उद्देश्य है— | आनंद तथा सराहना करना | CTET (VI-VIII) 21.01.2022 |
| व्याकरण सीखने में कार्यविधिक ज्ञान को जाना जाता है— | व्याकरण के प्रकारों को लागू करने और उन्हें इस्तेमाल करने के तरीकों की समझ | CTET (VI-VIII) 21.01.2022 |
| राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में विदेशी भाषाओं जैसे— कोरियन, जापानी, थाई, फ्रेंच, स्पेनिश, पुर्तगाली और रूसी के अध्ययन की अनुशंसा की गई है— | अतिरिक्त भाषाओं के रूप में | CTET (VI-VIII) 21.01.2022 |
| ‘अर्थ के लिए अनुमान’ है— | तथ्यों तथा तर्कों पर आधारित अर्थ निकालना | CTET (VI-VIII) 21.01.2022 |
| मातृभाषा पर आधारित बहुभाषिकता है— | शिक्षार्थी अपनी विद्यालयी शिक्षा अपनी मातृभाषा में प्रारंभ करते हैं तथा आगे कम से कम दो भाषाएँ और पढ़ते हैं | CTET (VI-VIII) 21.01.2022 |
| अधिगम के सिद्धांत के रूप में रचनावाद का विश्वास है— | बच्चे अपने पूर्व ज्ञान से जोड़कर सीखते हैं | CTET (VI-VIII) 20.12.2021 |
| एक भाषा शिक्षक सामाजिक विज्ञान के साथ मिलकर ‘भारत की सांस्कृतिक विविधता’ पर प्रोजेक्ट देता है... यह प्रक्रिया कहलाती है— | समग्र पाठ्यचर्या में भाषा | CTET (VI-VIII) 20.12.2021 |
| एक बच्चा अपने माता-पिता के साथ बिहार से मुंबई आता है... वह मराठी सीखने में निपुण होने लगता है— | भाषा अर्जन में | CTET (VI-VIII) 20.12.2021 |
| किसी शिक्षार्थी को एक पाठ सामग्री पढ़ते समय कुछ संकेत मिलते हैं जो उसे अर्थ ग्रहण की प्रक्रिया में मदद करते हैं। यह जाना जाता है— | अर्थगत संकेत | CTET (VI-VIII) 20.12.2021 |
| भाषा है— | नियम संचालित व्यवस्था | CTET (VI-VIII) 20.12.2021 |