हिन्दी वन लाइनर नोट्स 4
| जब विद्यार्थी आनन्द के लिए पढ़ते हैं, इसका तात्पर्य वे .......... में संलग्न हैं | विस्तार से पठन | CTET (I-V) 28.12.2021 |
| वैज्ञानिक ऐसा कहते हैं कि बच्चों से बात करना बहुत महत्वपूर्ण है— | इससे भाषा की ध्वनियाँ सीखने की शुरुआत होती है | CTET (I-V) 28.12.2021 |
| पठन शिक्षाशास्त्र इस बात का समर्थन करता है— | पठन का मतलब अर्थ ग्रहण करना है | CTET (I-V) 06.01.2022 |
| भाषा अधिगम में युक्ति के रूप में कहानी सुनाने का उद्देश्य है— | शिक्षार्थियों को भाषा सीखने के मौके देना है | CTET (I-V) 06.01.2022 |
| भाषा अधिगम के लिए पुस्तक पठन के रूप में ‘बच्चों कहानियाँ तथा अन्य बातों के संग्रह’ को सुझाया गया है। पठन का मुख्य उद्देश्य है— | विस्तृत पठन को बढ़ावा देना | CTET (I-V) 06.01.2022 |
| भाषा को सर्वोत्तम तरीके से सीखा जा सकता है— | संदर्भों में | CTET (I-V) 06.01.2022 |
| कक्षा तीन की अध्यापिका अंकिता को पता चलता है कि शिक्षार्थी नवीन जानकारियों को मौखिक रूप से लेने के बजाय लिखित रूप में लेना पसंद करते हैं। इन शिक्षार्थियों की अधिगम शैली है— | दृश्य | CTET (I-V) 06.01.2022 |
| चॉम्स्की के अनुसार भाषा के अर्जन का आधार है— | इन्द्रियों से प्राप्त अनुभव | CTET (I-V) 01.01.2022 |
| “मनुष्य भाषा अर्जन की क्षमता के साथ जन्म लेते हैं” यह कथन संबंधित है— | चॉम्स्की से | CTET (I-V) 01.01.2022 |
| भाषा अधिगम में चित्रों आधारित शिक्षण द्वारा बच्चों को संलग्न किया जा सकता है— | अपनी पसंद के खिलौनों के चित्र बनाने के माध्यम से | CTET (I-V) 31.12.2021 |
| भाषा अधिगम में ‘बोधगम्य निवेश’ शब्दावली प्रस्तावित की गई है— | स्टीफन क्रैशेन के द्वारा | CTET (I-V) 31.12.2021 |
| भाषा शिक्षण-अधिगम में ‘समग्र भाषा’ है— | उपागम | CTET (I-V) 31.12.2021 |
| चॉम्स्की ने एक पुस्तक में धारणा प्रस्तुत की है— | बालक जन्मजात भाषा अधिगम की क्षमता के साथ जन्म लेते हैं | CTET (I-V) 31.12.2021 |
| वायगोत्स्की की सहयोगात्मक अधिगम युक्तियाँ केंद्रित हैं— | शिक्षार्थियों को सीखने के लिए एक दूसरे की सहायता करना | CTET (I-V) 31.12.2021 |
| भाषा का व्याकरण सबसे अच्छा सीखा जा सकता है— | पठन सामग्री तथा संरचनाओं की पहचान को एकीकृत करके | CTET (I-V) 31.12.2021 |
| बच्चे भाषा सीखने के लिए अनुकरण तथा समायोजन का प्रयोग करते हैं। यह प्रतिपादित किया गया— | जीन पियाजे के द्वारा | CTET (I-V) 31.12.2021 |
| विकास का निकटतम क्षेत्र कहते हैं— | बच्चे के वास्तविक विकास तथा किसी दूसरे की सहायता से कर सकने वाले काम के बीच का अंतर | CTET (I-V) 31.12.2021 |
| नोम चॉम्स्की के सिद्धान्त के अनुसार हम सभी इस सहज समझ के साथ जन्म लेते हैं कि भाषा कार्य करती है— | सार्वभौमिक व्याकरण | CTET (I-V) 29.12.2021 |
| बहुभाषिक शिक्षा एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें शिक्षार्थी विद्यालय में अतिरिक्त भाषा सीखने से पहले— | अपनी मातृभाषा से शुरुआत करते हैं | CTET (I-V) 29.12.2021 |
| द्वितीय भाषा के शिक्षण/सीखने में अभ्यास में .......... के द्वारा संरचना के स्तर से आराम मिलता है— | रोचक विषय सामग्री के साथ अर्थपूर्ण अंतःक्रिया | CTET (I-V) 29.12.2021 |
| प्रथम भाषा अर्जन— | प्राकृतिक प्रक्रिया है | CTET (I-V) 29.12.2021 |
| खेल के मैदान, फोन या दूसरे व्यक्तियों के साथ सामाजिक रूप से अंतःक्रिया में प्रयोग की जाने वाली भाषा रूप को— | आधारभूत अंतर्वैयक्तिक संप्रेषण कौशल (BICS) | CTET (I-V) 29.12.2021 |
| अधिगम में आने वाली मुश्किलों को पहचानने के लिए करते हैं— | निदानात्मक परीक्षण | CTET (I-V) 29.12.2021 |
| उपागम (पद्धतियाँ) हमें बताती हैं— | क्या पढ़ाएँ | CTET (I-V) 29.12.2021 |
| शिक्षण अधिगम-प्रक्रिया में आकलन का उद्देश्य है— | शिक्षार्थियों को प्रतिपुष्टि उपलब्ध कराना है | CTET (I-V) 29.12.2021 |
| भाषा अर्जन की अवस्थाओं का सही क्रम— | बलबलाना, किलकारी मारना (कूइंग), एक शब्दीय अवस्था, टेलीग्राफिक वाक्य तथा पूर्ण वाक्य अवस्था | CTET (I-V) 29.12.2021 |
| क्रैशेन के अनुसार .......... व्याकरण करता है कि भाषा अधिगमकर्ता अपने भाषा प्रयोग की शुद्धता का मूल्यांकन कैसे करते हैं— | मॉनिटर परिकल्पना | CTET (I-V) 29.12.2021 |
| साहिल तीसरी कक्षा में पढ़ता है। वह हिंदी भाषा लिखते समय अपनी मातृभाषा के शब्दों का प्रयोग करता है। यह— | एक स्वाभाविक प्रक्रिया है | CTET (I-V) 21.12.2021 |