CDP: बालकों के विकास के सिद्धांत वन लाइनर नोट्स 1

CDP: बालकों के विकास के सिद्धांत वन लाइनर नोट्स 1
विकास के संदर्भ में, समय सीमा जिसमें एक व्यक्ति विशेष उद्देश्यों के प्रति परिवर्तित संवेदनशीलता रखता है जिससे कि वह कुशल तरीके से कार्य करने के लिए विशेष कौशल विकसित कर सके, वह विकास अवधि जानी जाती है— संवेदनशील अवधि CTET (I-V) 14/12/2024
विकास के ‘समीप-दूरस्थ’ सिद्धांत का प्रतिनिधित्व करता है— मोटियों को धागे में पिरोने से पहले बच्चे गेंद को पकड़ने की क्षमता विकसित करते हैं CTET (I-V) 14/12/2024
विकास के संदर्भ में— विकास चक्रीय तरीके से होता है, रैखिक नहीं CTET (I-V) July, 2024
विकास के क्रम में, बच्चे सूक्ष्म पेशीय कौशल से पहले स्थूल पेशीय कौशल विकसित करते हैं। यह दर्शाता है कि विकास— समीप-दूरानुक्रमिक CTET (I-V) 21/01/2024 (Shift-I)
समीपता सिद्धांत कहता है कि किशोरावस्था में— अंग-हाथों और पैरों की तुलना में तेजी से बढ़ते हैं CTET (I-V) 21/01/2024 (Shift-I)
I. बाल विकास एवं बाल मनोविज्ञान की सामान्य
बाल विकास एक .......... है। सतत, क्रमिक लगातार चलती हुई प्रक्रिया Jharkhand TET (VI-VIII) 2016
प्राथमिक कक्षा के शिक्षक के लिए .......... का ज्ञान होना सर्वाधिक आवश्यक है। बाल मनोविज्ञान U TET Paper-2 2021
समकालीन सिद्धांत ‘बचपन’ को .......... मानते हैं। एक सामाजिक संरचना CTET (VI-VIII) 23.12.2021
बाल विकास में ‘संवेदनशील अवधि’ का अर्थ है— विशिष्ट क्षमताओं के विकास के लिए उपयुक्त अवधि CTET (VI-VIII) 01.01.2022
बाल विकास के समकालीन परिप्रेक्ष्य— बाल्यावस्था को एक विशिष्ट सांस्कृतिक एवं सामाजिक संरचना मानते हैं CTET (VI-VIII) 06.01.2022
बच्चों के विकास के संबंध में सत्य कथन है— बच्चों का विकास उनके सामाजिक संदर्भ से प्रभावित होता है CTET (I-V) 31.12.2021
वह खेल जो बच्चों को दूसरों के विचारों, विश्वासों, और भावनाओं को समझने में सहायक होता है, कहलाता है— कल्पनाशीलता वाला खेल CTET (I-V) 29.12.2021
बालक का विकास को कुल क्षेत्रों में बांटा है— शारीरिक, संज्ञानात्मक, गामक और सामाजिक CTET (I-V) 29.12.2021
गर्भाधान से लेकर मृत्यु तक व्यवहार में परिवर्तन का अध्ययन .......... कहलाता है। विकासात्मक मनोविज्ञान HP TET (VI-VIII) 2013
विकास एक .......... प्रक्रिया है। निरंतर DSSSB PRT
विकासात्मक मनोविज्ञान में जीवन का अध्ययन किया जाता है— जीवनपर्यन्त B TET (I-V) 23.07.2017
आई.सी.डी.एस. कार्यक्रम .......... के आयु समूह के सभी बच्चों के लिए उपलब्ध है। 0-6 वर्ष CG TET (I-V) 2016
विकासात्मक कार्य के प्रतिपादक थे— हैविंगहर्स्ट UP TET Paper-II (Class VI-VIII) 19 Dec 2016
शिक्षक को ज्ञान होना चाहिए— अध्यापन विषय एवं बाल-मनोविज्ञान का DSSSB PRT
UK TET (I-V) 2011
प्राथमिक शिक्षक के लिए बाल मनोविज्ञान का ज्ञान आवश्यक है, क्योंकि— यह बच्चों के व्यवहार को समझने में शिक्षक की सहायता करता है UP TET Paper-II (Class VI-VIII) 13 Nov 2011
अपने विद्यार्थियों को समझने के लिए एक शिक्षक में अच्छी जानकारी होनी चाहिए— बाल मनोविज्ञान की, बच्चों को समझने की प्रवृत्ति की, विषय वस्तु के प्रति विद्यार्थियों के मत की UP TET Paper-II (Class VI-VIII) 13 Nov 2011
बाल विकास की परिभाषा का अध्ययन क्षेत्र है जो— किसी व्यक्ति के संज्ञानात्मक, सामाजिक तथा दूसरे सभी आयामों के क्रमिक विकास के लिए उत्तरदायी होता है UP TET Paper-II (Class VI-VIII) 13 Nov 2011
निर्देशनात्मक विकास शब्द सूचित करता है— विशिष्ट गुण MP TET (VI-VIII) 26 Feb 2019
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