CDP: विकास की अवधारणा और अधिगम के साथ उसका सम्बन्ध नोट्स पार्ट 11
| एक बच्चा अपनी मातृभाषा सीख रहा है व दूसरा बच्चा वही भाषा द्वितीय भाषा के रूप में सीख रहा है। दोनों समान प्रकार की त्रुटि कर सकते हैं— | विकासात्मक | DSSSB PRT |
| विकास एवं अधिगम के बीच सम्बन्ध को सही तरीके से सूचित करता है— | विकास एवं अधिगम अंतर्संबंधित और अंतर्निर्भर होते हैं | CTET (VI-VIII) 7 Jul. 2019 CTET Paper-II (Class VI-VIII) 20 Sep 2015 DSSSB PRT |
| यदि छात्र अधिकांश कार्य स्वयं के हाथों से करेंगे, तो छात्र में— | आत्मनिर्भरता पैदा होती है | Bihar TET Paper-I (Class I-V) 2011 |
| शिक्षण का विकासात्मक परिप्रेक्ष्य शिक्षकों से यह मांग करता है कि वे— | विकासात्मक कारकों के ज्ञान के अनुसार अनुदेशन युक्तियों का अनुकूलन करें | CTET Paper-II (Class VI-VIII) 21 Sep 2014 |
| XVII. भाषा विकास-अभिव्यक्ति क्षमता का विकास | ||
| एक शिक्षिका को बच्चों को अपने आप से बात करने (व्यक्तिगत वाक्) को प्रोत्साहित करना चाहिए— | उसे प्रोत्साहित करना चाहिए क्योंकि इससे स्व-नियमन सुसंगत होता है | CTET (I-V) 07.01.2022 |
| 1.5 से 2.5 साल की उम्र के बच्चों द्वारा अक्सर उत्पन्न ‘स्वयंभू’ उच्चारण को कहा जाता है— | तार्किक वाचन | CTET (I-V) 16.01.2022 |
| ए.जी. फ्रेम मेथड का प्रयोग .......... की शिक्षा देने के लिए किया जाता है। | लिखने | Jharkhand TET (VI-VIII) 2012 |
| गहन पढ़ाई से छात्रों के किस प्रकार के शब्द-भंडार में बढ़ोतरी होती है— | सक्रिय | Jharkhand TET (VI-VIII) 2012 |
| XVIII. रचनात्मक क्षमता का विकास | ||
| एक अध्यापिका अपने विद्यार्थियों को गणित के सवालों के उत्तर तक पहुँचने की प्रक्रिया को व्याख्या करने के लिए बढ़ावा देती है— | अधिगमात्मक कौशल के विकास में मददगार है | CTET (I-V) 27.12.2021 |
EXAM POINT
- बाल्यावस्था की प्रमुख मनोवैज्ञानिक विशेषता है— समूहिकता की भावना
- खिलौने की आयु कहा जाता है— पूर्व बाल्यावस्था
- विकास का अर्थ है— परिपक्वता एवं अनुभव के फलस्वरूप होने वाले परिवर्तनों की श्रृंखला
- बचपन के सामाजिक दृष्टिकोण की मान्यता है— बचपन वृद्धि एवं परिवर्तन की अनूठी अवस्था है
- एक सामान्य 12 वर्ष के बच्चे में सबसे अधिक होना सम्भव है— समकक्षी के अनुमोदन के लिए बेचैनी
- मनोविज्ञान के अनुसार बाल विकास की सबसे जटिल अवस्था है— किशोरावस्था
- वह अवस्था जिसमें शर्म तथा गर्व जैसी भावना का विकास होता है— बाल्यावस्था
- तनाव और क्रोध की अवस्था है— किशोरावस्था
- किशोर अनुभव कर सकते हैं— दुश्चिंता और स्वयं से सरोकार का
- मिश्रित आयु वर्ग वाले विद्यार्थियों की कक्षा से व्यवहार रखने वाले शिक्षक के लिए सबसे महत्वपूर्ण है— विकासात्मक अवस्थाओं का ज्ञान
- मानव विकास की वह अवस्था जिसे “मुसीबत अवस्था” कहा जाता है— बाल्यावस्था
- प्रारंभिक बाल्यावस्था के दौरान उन भूमिकाओं एवं व्यवहारों के विषय में जानकारी प्रदान करते हैं जो एक समूह में स्वीकार्य हैं— माता-पिता एवं भाई-बहन
- विकास और अधिगम के बीच सम्बन्ध को सर्वोत्तम रूप से जोड़ता है— अधिगम और विकास एक जटिल तरीके से अंतः सम्बद्ध हैं
- विकास की किस अवस्था में बुद्धि का अधिकतम विकास होता है— किशोरावस्था