| ‘केतु’ का पर्यायवाची शब्द है— |
झण्डा |
CG TET 2016 (Evening Shift) |
| ‘जीवन’ का सही अनेकार्थी शब्द है— |
जिन्दगी |
REET (I-V) 2011 |
| जिन शब्दों के एक से अधिक अर्थ होते हैं वे कहलाते हैं— |
अनेकार्थी शब्द |
REET (I-V) 2011 |
| भाषा सम्बन्धी भूल को कहते हैं— |
त्रुटि |
Haryana TET (I-V) Nov. 2011 |
| ‘अकिंचन’ का अर्थ है— |
जिसके पास कुछ न हो |
Haryana TET (I-V) November 2011 |
| पथ-प्रदर्शक का अर्थ है— |
रास्ता – रोगी का भोजन |
Haryana TET (I-V) Nov. 2011 |
| ‘उरकौ’ शब्द का सही अर्थ है— |
घुम |
Haryana TET Ans. (I-V) 2018 |
| ‘अम्बर’ का अनेकार्थक शब्द है— |
आकाश, कपड़ा |
CG TET (VI-VIII) 2017 |
| ‘सुखकर’ का समानार्थक शब्द है— |
चौक |
HP TET (I-V) 16.06.2019 |
| उसका अंबर फट गया – ‘अंबर’ का अर्थ है— |
कपड़ा |
Himachal TET (I-V) June 2021 |
| ‘तुरंग’ शब्द का अर्थ है— |
घोड़ा |
UT TET (I-V) 14.12.2018 |
| ‘सूई’ का तत्सम रूप है— |
सूचि |
UP TET 2021 (VI-VIII) 23.01.2022 |
| ‘लज्जा’ शब्द है— |
तत्सम |
H TET (I-V) November 2015 |
| ‘आप’ का तत्सम है— |
आत्म |
UP TET (I-V) 28.11.2021 (Cancelled) |
| ‘बौना’ का तत्सम है— |
वामन |
UP TET (I-V) 28.11.2021 (Cancelled) |
| ‘शून्य’ का तत्सम रूप है— |
शून्य |
UP TET (I-V) 23.01.2022 |
| शब्द स्रोत के आधार पर ‘कलम’ शब्द है— |
तद्भव |
CG TET 2016 (Morning Shift) |
| ‘लेकिन’ इस भाषा का शब्द है— |
फारसी |
CG TET (VI-VIII) 2017 |
| संकर शब्द है— |
लाठीचार्ज |
HP TET (I-V) 16.06.2019 |
| तहसीलदार, जलपान, खून-पसीना शब्द हैं— |
संकर |
HP TET JBT (I-V) Nov. 2021 |
| ‘कमीज’ इस भाषा का शब्द है— |
पुर्तगाली |
HP TET JBT (I-V) Nov. 2021 |
| ‘गमला’ इस भाषा का शब्द है— |
पुर्तगाली |
UTET 2021 Paper-II |
| ‘अपना मतलब निकालने वाला’ के लिए उचित शब्द है— |
स्वार्थी |
UP TET 2021 (VI-VIII) 23.01.2022 |
| ‘भूतों अर्थात जीवों द्वारा होने वाला (दुख)’ – वाक्य के लिए एक शब्द— |
आधिभौतिक |
UP TET 2021 (VI-VIII) 23.01.2022 |
| ‘संध्या और रात्रि के बीच का समय’ के लिए सर्वाधिक उपयुक्त एक शब्द है— |
गोधूलि |
REET (I-V) 2011 |
| ‘युद्ध करने का इच्छुक’ के लिए सर्वाधिक उपयुक्त एक शब्द है— |
युयुत्सु |
REET (I-V) 2011 |
| ‘फिजूलखर्ची करना बुरी आदत है’ – रेखांकित शब्द का समानार्थी— |
अपव्यय |
H TET (I-V) November 2015 |
| ‘जिसे बुलाया न गया हो’, उसे कहते हैं— |
अनाहूत |
H TET (I-V) November 2015 |
| ‘खाने की इच्छा’ के लिए एक शब्द— |
भूख |
UP TET (I-V) 28.11.2021 (Cancelled) |
| ‘जिसकी पूर्ति में कोई आशा न हो’ के लिए एक शब्द है— |
अशापूर्ण |
UP TET (I-V) 23.01.2022 |
| आशुपाठक का अर्थ है— |
किसी विषय पर तत्काल बोलना |
MP TET (I-V) 2011 |
| आगामी-भवी का अर्थ है, आगे आने वाला। यह शब्द कालवाचक है। ‘भावी’ का आशय— |
भविष्य में होने वाला |
HP TET JBT (I-V) Nov. 2021 |
| ‘अपठ’ का शाब्दिक अर्थ है— |
जो पढ़ा न हो |
Himachal TET (I-V) June 2021 |
| ‘समुद्र की आग’ के लिए उपयुक्त शब्द है— |
बड़वानल |
HP TET (I-V) 16.06.2019 |
| पानी से डरने वाला जीव— |
खेवड़ |
HP TET JBT (I-V) Nov. 2021 |
| जो टुकड़े-टुकड़े हो गया हो उसे कहते हैं— |
खंडित |
Jharkhand TET (VI-VIII) 2012 |
| जिसे तुरंत उचित उत्तर सूझ जाए, उसे कहते हैं— |
प्रत्युत्पन्नमति |
CG TET (I-V) 2017 (Set-A) |
| गृह बसाकर रहने वाले को कहते हैं— |
गृहस्थ |
Himachal TET (I-V) June 2021 |
| ‘जिसकी बाँह घुटनों तक हो’ – वाक्यांश के लिए एक शब्द— |
अजांबाहु |
CG TET (VI-VIII) 2019 |
| कुछ जानने की इच्छा रखने वाला— |
जिज्ञासु |
HP TET (I-V) 2018 |
| सबको समान दृष्टि से देखने वाले को कहते हैं— |
समदर्शी |
Jharkhand TET (I-V) 2016 |