पर्यावरण अध्ययन: वन लाइनर नोट्स 3
| पारिस्थितिकी तंत्र का उदाहरण है— | तालाब | UP TET (I-V) 13 NOV, 2011 / U TET AUG, 2011 |
| अन्य मृत जन्तुओं पर निर्भर करने वाले प्राणी को कहते हैं— | स्कैवेन्जर | UP TET (I-V) 13 NOV, 2011 / U TET AUG, 2011 |
| पृथ्वी का अपमार्जक है— | जीवाणु व कवक | U TET (I-V) 29 JAN, 2011 |
| जैविक घटक है— | पादप | U TET (I-V) 29 JAN, 2011 |
| हमारे पर्यावरण में इस गैस का सबसे अधिक योगदान है— | नाइट्रोजन | U TET (I-V) 29 JAN, 2011 |
| हमारे पर्यावरण को बचाने के लिए तीन प्रकार के ‘R’ हैं— | कम उपयोग, पुनः चक्रण और पुनः उपयोग | U TET (I-V) 12 NOV, 2013 |
| यदि एक मेंढक एक टिड्डे को खाता है, तो ऊर्जा का स्थानांतरण होगा— | प्राथमिक उपभोक्ता से द्वितीयक उपभोक्ता को | U TET (I-V) 12 NOV., 2013 |
| मानव पर्यावरण सम्बन्ध एक संकल्पना है— | धनात्मक | U TET (I-V) 2014 |
| किसी खाद्य श्रृंखला की प्रथम कड़ी सदैव हरे पादप होते हैं, क्योंकि— | वे सूर्य के प्रकाश में वायुमण्डलीय CO₂ को स्थिरीकृत करते हैं | U TET (I-V) 2014 |
| यह आपदा पर्यावरणीय ह्रास के कारण उत्पन्न होती है— | बाढ़ एवं सूखा | MP TET (I-V) 2011 |
| पर्यावरण के अन्तर्गत आते हैं— | पेड़-पौधे, जीव-जन्तु, मकान, सड़कें, पूजा स्थल, रिश्ते-नाते, संस्कृति | CG TET (I-V) 2011 |
| ऊर्जा का पिरामिड होता है— | सीधा | Jharkhand TET (I-V) 2016 CG TET (I-V) 2011 |
| प्राकृतिक एवं सामाजिक-सांस्कृतिक पर्यावरण के बीच अन्तःक्रिया का उदाहरण है— | वनों की कटाई, निर्माण कार्य, शिकार | CG TET (I-V) 2011 |
| प्राकृतिक पर्यावरण के प्रमुख घटक हैं— | सभी जीवधारी, जलवायु कारक, भू-आकृतिक कारक | CG TET (I-V) 2011 |
| एक पोषण स्तर से दूसरे पोषण स्तर पर ऊर्जा का इतना भाग स्थानान्तरित होता है— | 10% | CG TET (I-V) 2011 |
| पर्यावरणीय असंतुलन का कारण है— | पर्यावरणीय चेतना का अभाव, भौतिकवादी सोच, भोगवादी प्रवृत्ति | B TET (I-V) 2013 |
| पर्यावरण एक स्रोत है— | अधिगम का, ऊर्जा का, औषधि का | B TET (I-V) 2013 |
| ‘दस प्रतिशत नियम’ दिया गया— | लिंडेमान द्वारा | P TET (I-V) 2011 |
| जैविक पर्यावरण में शामिल हैं— | उत्पादक, अपघटक, उपभोक्ता | H TET (I-V) 2012 |
| अत्यधिक चराई का परिणाम है— | मृदा अपरदन | U TET (I-V) 28 APR, 2015 / U TET 2014 |
| ह्यूमस निर्माण में सहायक हैं— | अपघटक | (I-V) 28 APR, 2015 / U TET 2014 U TET (I-V) 2014 |
| नदी-मुखों के लक्षण हैं— | ताजा एवं खारा जल, अधिक उत्पादकता, समृद्ध जैव-विविधता | U TET (I-V) 22 JAN, 2017 |
| खाद्य श्रृंखला द्वारा घातक रसायनों की निरंतर बढ़ती मात्रा कहलाती है— | जैव-संचयन | U TET (I-V) 22 JAN, 2017 |
| जल चक्र को नियंत्रित करता है— | वन | U TET (I-V) 22 JAN, 2017 |
| पेड़ों की कटाई घटाती है— | वर्षा | U TET (I-V) 22 JAN, 2017 |
| पर्यावरण के लिए हानिकारक है— | प्लास्टिक | UP TET (I-V) 13 NOV, 2011 |
