संस्कृत: वन लाइनर नोट्स 5
02. संधि
| ‘शान्तिः + जयः’ का संधि रूप होगा— | शान्तिजयः | UP TET (I-V) Cancelled-2021 |
| ‘मनः + रथः’ में संधि है— | विसर्ग संधि | UPTET June-2013 (VI-VIII) (Bhasha Sikshak) UPTET October-2011 (I-V) UPTET (RE Exam.)2021 [UP TET, Jan. 2020 (I-V)] |
| विसर्ग संधि का उदाहरण है— | नमस्ते | [UP TET, Jan. 2020 (I-V)] |
| ‘तेजः’ में संधि है— | परसव | [UP TET, Jan. 2020 (I-V)] |
| ‘षणाणाम्’ पद में संधि है— | गुण संधि | [UP TET, Jan. 2020 (VI-VIII)] |
| ‘मनिषा’ का संधि-विच्छेद होगा— | मनस् + ईषा | Bihar TET December 2011 (VI-VIII) [UP TET, Jan. 2020 (VI-VIII)] |
| प्रकृतिभाव-सन्धि-निषेधक सूत्रमस्ति— | लुप्त प्रयुक्त अचि नित्यं | UK TET (VI-VIII)-2019 |
| ‘तच्छब्दः’ इत्यस्मिन् पदे सन्धिविच्छेदक सूत्रमस्ति— | स्तोः श्चुना श्चुः | UK TET (VI-VIII)-2019 |
| ‘अक्ष + उहिनी’ में सन्धि होती है— | वृद्धि सन्धि | UP TET (VI-VIII) October 2017 UP TET (VI-VIII) Exam. 2022 |
| ‘एतत्’ भेद अस्ति— | स्वरस्य | UK TET (I-V)-2019 |
| ‘अत्र पदे सन्धि विच्छेदः अस्ति— | भू + आदि | UK TET (I-V)-2019 |
| यण सन्धि विषयक सूत्रम् अस्ति— | इकोयणचि | UK TET (I-V)-2019 |
| ‘जगल्लते’ इत्यस्य पदविच्छेदः— | जगत् + लते | UK TET (VI-VIII)-2020 |
| ‘स्तोः श्चुना श्चुः’ सूत्रस्य उदाहरणम् अस्ति— | सज्जन | UK TET (Paper-I) 2021 |
| तत्स्थानं पदे सन्धिः— | गुण | UK TET (Paper-I) 2021 |
| गुण संज्ञा भवति— | अ ए ओ | UK TET (Paper-I) 2021 |
| ‘इति + आदि’ इत्यत्र सन्धिः वर्तते— | यणसन्धिः | REET LEVEL-II-2015 |
| ‘वायुः’ इत्यत्र सन्धिः— | यणसन्धिः | REET (I-V)-2017 |
| ‘अधि + अपि’ इति पदस्य सन्धिविच्छेदः— | अध + अपि | REET (I-V)-2017 |
| ‘प्रेतः’ सन्धिविच्छेदः कः— | प्र + एत | UK TET (I-V) 2020 REET (I-V)-2011 |
| ‘बाल + चलति’ इत्यत्र सन्धिः कः— | बालश्चलति | REET (I-V)-2011 |
| ‘कोटि’ इत्यत्र सन्धिः— | पूर्वरूपसन्धिः | REET (I-V)-2011 |
| ‘कृष्णः’ सन्धिविच्छेदः— | कृष्ण + ः | REET (I-V)-2011 |
| ‘चयनम्’ अस्य शब्दस्य सन्धिविच्छेदः अस्ति— | चि + अनम् | REET (I-V)-2011 |
| ‘देव + ऋषयः’ अस्य सन्धिः भविष्यति— | देवर्षयः | REET (I-V)-2011 |
