संस्कृत: वन लाइनर नोट्स 13
| ‘सप्तसूत्र स्वाध्यायो नामः’ में सूत्र प्रस्तुत हुआ है— | जनिकर्तुः प्रकृतिः | UP TET (VI-VIII) Exam. 2022 UP TET October (VI-VIII) 2017 |
| ‘पञ्चयज्ञम्’ उदाहरण है— | प्रादि तत्पुरुष का | UP TET (VI-VIII) Exam. 2022 |
| दान के कर्म के द्वारा कर्ता को संतुष्ट करने वाला सम्प्रदान कारक का सूत्र है— | कर्मणा यमभिप्रैति स सम्प्रदानम् | UP TET (RE Exam.) 2021 |
| ‘शिशुः मोदकाय रोदिति’ उदाहरण है— | तात्पर्य चतुर्थी वाच्य का | UP TET (I-V) October-2017 UP TET (RE Exam.) 2021 |
| ‘उच्चैः’ उदाहरण है— | अतिदेश का | UP TET (RE Exam.) 2021 |
| ‘कारकः’ में यदि प्रकृति है ‘कृ’, तो प्रत्यय है— | घञ् | UP TET (RE Exam.) 2021 |
| ‘पाणिना मुखं प्रक्षालयति’ में पाणिना कारक है— | करण कारक | UP TET (I-V) Cancelled-2021 |
| ‘हेतोः’ इति षष्ठी भवति— | तृतीया-विभक्ति | UK TET (VI-VIII)-2019 |
| वाक्यपीठे संज्ञायां-नगरेण परिसः दीर्घी सन्ति— | नगरं परिसः क्षेत्रे दीर्घी सन्ति | REET (I-V) Exam. 2021 |
| ‘भीमार्थाति यमकुः’ सूत्र का विभक्ति भवति— | पञ्चमी | UP TET December (VI-VIII)-2016 UP TET June (I-V)-2013 UK TET (I-V)-2019 |
| ‘अर्थो हि कन्या एकया एव’ इत्युक्तिः कस्य श्लोकस्य अस्ति— | अभिज्ञानशाकुन्तलम् | UK TET (I-V)-2019 |
| .............. कारकिणि सति— | घट् | REET -2011 (I-V) MP TET -2.3.19 UK TET (I-V)-2019 Bihar TET February-2012 (VI-VIII) |
| नमः स्वस्ति - स्वाहा - स्वधायै - वषट् - योगे अन्विति सूत्र .......... विभक्ति भवति। | चतुर्थी | UP TET Bhash Sikshan June (VI-VIII)-2013 REET (I-V)2011 UK TET (VI-VIII)-2020 |
| ‘यत्रस्य निर्धारणे’ सूत्रे विभक्ति भवति— | षष्ठी - सप्तमी | UK TET (Paper-I) 2021 |
| बालकः .......... विभक्ति। | सप्तमी | REET (I-V)-2011 |
| रक्षः .......... ईश्वरस्य सा। | देवस्य | REET (I-V)-2011 |
| गोविन्दः शिरसा खल्वटः। इत्यत्र खल्वटपदे करण सम्बन्धः— | अनुवाक्यार्थ | REET (I-V)-2011 |
| ‘बालकः हसते खादति’ इत्यत्र ‘हसते’ शब्दे कारक— | करणम् | MP TET 1.3.19 |
| ‘नेत्राभ्याम् अश्रूणि पतन्ति’ में नेत्राभ्याम् पद में विभक्ति है— | तृतीया | [UP TET, Jan. 2020 (I-V)] |
| ‘स्वाहा’ शब्दयोगे .......... विभक्ति प्रयुज्यते। | चतुर्थी | MP TET वर्ग-2, 17.2.19 UPTET February-2014 (VI-VIII) |
| ‘कृ’ धातु के योग में विभक्ति होती है— | चतुर्थी | [UP TET, Jan. 2020 (VI-VIII)] |
| अपादान कारक में विभक्ति होती है— | पञ्चमी | UPTET June-2013 (I-V) |