संस्कृत: वन लाइनर नोट्स 14
| ‘अभितः’ के योग में विभक्ति प्रयुक्त होती है— | द्वितीया | UPTET June-2013 (VI-VIII) |
| गत्यात्मक धातुओं के योग में विभक्ति होती है— | द्वितीया | UPTET June-2013 (VI-VIII) |
| ‘रुच्यार्थानां प्रियमानः’ सूत्र में विभक्ति प्रयुक्त होती है— | चतुर्थी | UPTET February-2014 (VI-VIII) UPTET June-2013 (VI-VIII) |
| क्रिया से सीधा सम्बन्ध रखने वाले को कहते हैं— | कारक | UPTET June-2013 (VI-VIII) (Bhasha Sikshak) |
| ‘अश्वात् रामः अपतत्’ इस वाक्य में आए ‘अश्वात्’ पद में विभक्ति है— | पञ्चमी | UPTET June-2013 (VI-VIII) (Bhasha Sikshak) |
| ‘जटायुः तिष्ठति’ में तृतीया विभक्ति का विधायक सूत्र है— | इत्युक्तलक्षणे | UPTET June-2013 (VI-VIII) (Bhasha Sikshak) |
| ‘चौर्यं विभक्तौ वाक्य में ‘चौर्यं’ पर पञ्चमी विभक्ति का विधायक सूत्र है— | भीर्यर्थानां भयहेतुः | UPTET February-2014 (VI-VIII) |
| बालिका .......... विभक्ति। | चौर्यात् | UPTET February-2014 (VI-VIII) (Bhasha Special) |
| ‘येनेषः क्रियते’ सूत्र है— | करण (तृतीया) कारक का | UPTET February-2014 (VI-VIII) (Bhasha Special) |
| ‘सह’ इत्यस्य .......... विभक्त्या उपयुज्यते। | तृतीया | MPTET -6.3.19 MP TET 1.3.19 MP वर्ग-2-22.2.2019 |
| ‘अश्वान् पश्यति’ वाक्य में अश्वान् पद में प्रयुक्त कारक है— | द्वितीया विभक्ति से | UPTET February-2016 (I-V) |
| ‘कृष्ण के दोनों ओर खड़े हैं’ की संस्कृत है— | कृष्णस्य उभयतः गोपाः सन्ति | UPTET February-2016 (I-V) |
| ‘अरण्य कान्त’ इसमें ‘अरण्य’ शब्द के साथ तृतीया विभक्ति .......... सूत्र से युक्त है— | येनाङ्गविकारः | UPTET February-2014 (I-V) UKTET (I-V) 2019 UPTET February-2016 (VI-VIII) |
| ‘हरये रोचते भक्ति:’ वाक्य में ‘हरये’ पद में विभक्ति है— | चतुर्थी | UPTET December-2016 (I-V) UKTET January 2011 (I-V) |
| परिमाण मात्र में विभक्ति होती है— | प्रथमा | UPTET December-2016 (I-V) |
| व्यायामेन शरीर स्वस्थ भवति। वाक्य के रेखांकित पद में प्रयुक्त कारक है— | करण | UPTET December-2016 (I-V) |
| ‘जटायुः यति:’ इस वाक्य में प्रयुक्त तृतीया विभक्ति का विधायक सूत्र है— | इत्युक्तलक्षणे | UPTET December-2016 (VI-VIII) |
| वयं .......... सह निवसामः। | आनन्देन | UPTET December-2016 (VI-VIII) |
| ‘रमेण बाणेन हतो वाली’ में ‘करण’ है— | बाण | UPTET December-2016 (VI-VIII) |
| “मुझे संस्कृत अच्छी लगती है” इसका संस्कृत में अनुवाद है— | मह्यं संस्कृतं रोचते | UPTET October-2017 (I-V) |
| ‘बालक को लड्डू अच्छा लगता है’ – इस वाक्य का संस्कृत अनुवाद— | बालकाय मोदकः रोचते | UPTET October-2017 (VI-VIII) |
| ‘स्वस्ति’ पद के योग में प्रयोग की जाने वाली विभक्ति है— | चतुर्थी | UPTET November-2018 (I-V) |
| ‘सहयुक्तप्रधान’ सूत्र .......... का बोधक है। | तृतीया विभक्ति | UPTET November-2018 (I-V) |
| ‘हरये क्षीराय’ में ‘हरये’ में .......... कारक है। | सम्प्रदान | UPTET November-2018 (I-V) |
| ‘उपसर्गयुक्तधातुः’ से कारक होता है— | कर्म | UPTET November-2018 (VI-VIII) |