पर्यावरण अध्ययन: वन लाइनर नोट्स 14
| “उच्चतम न्यायालय ने सरकार को निर्देशित किया है कि यमुना के जल की गुणवत्ता कम-से-कम ‘ग्रेड सी’ स्तर तक बनाएं, जिससे उसे लोगों के पीने योग्य बनाकर उपलब्ध कराया जा सके” उक्त कथनानुसार ग्रेड ‘सी’ स्तर का अर्थ है— | औसत दर्जे का प्रदूषित जल | UK TET (I-V) 2014 |
| यह वायुमण्डलीय प्रदूषक अम्लीय वर्षा का मुख्य कारक है— | SO₂ | UP TET (I-V) 23 FEB, 2014 / UP TET (I-V) 29 JAN., 2011 |
| जल प्रदूषण अथवा जल जनित रोगों का एक उदाहरण है— | अतिसार | MP TET (I-V) 2011 |
| अम्लीय वर्षा से ऐतिहासिक इमारतों तथा मूर्तियों का क्षरण (क्षरण) होना कहलाता है— | स्टोन लेप्रोसी | UK TET (I-V) 12 NOV., 2013 |
| किसी नदी के प्रदूषण स्तर की माप की जाती है— | BOD | UP TET (I-V) 27 JUN, 2013 / Jharkhand TET (I-V) 2012 |
| गंगा एक्शन प्लान को लाने का उद्देश्य .......... सुधार हेतु है। | जल की गुणवत्ता | UP TET (I-V) 19 DEC, 2016 |
| आर्सेनिक द्वारा जल-प्रदूषण सर्वाधिक है— | पश्चिम बंगाल में | UP TET (I-V) 15 OCT, 2017 |
| ‘मिनामाटा रोग’ ऐसी मछली खाने से होता है, जिसमें अधिक मात्रा में पाया जाता है— | पारा | UP TET (I-V) 18 Nov. 2018 |
| .......... गैस के वर्षा के पानी में घुलने से वर्षा का पानी अम्लीय हो जाता है। | सल्फर डाइऑक्साइड | UP TET (I-V) 18 Nov. 2018 |
| कई स्थानों पर “अम्ल वर्षा” जलीय विविधता को प्रभावित कर रही है। अम्ल वर्षा इन प्रमुख रसायनों के कारण होती है— | नाइट्रिक अम्ल तथा सल्फ्यूरिक अम्ल | CTET (I-V) 05.01.2022 |
| नीला शिशु लक्षण (मेथेमोग्लोबिनेमिया), जल में .......... की अधिकता के कारण होता है। | नाइट्रेट | UK TET (I-V) 06.11.2019 |
| पीने के पानी में फ्लोराइड की अधिकतम स्वीकार्य मात्रा है— | 1.50 मि.ग्रा. प्रति लीटर | UK TET (I-V) 06.11.2019 |
| नदी में जल प्रदूषण को .......... घुलित मात्रा से मापा जाता है। | ऑक्सीजन की | UK TET (I-V) 06.11.2019 |
| जल की उच्च जैविक ऑक्सीजन की मांग संकेत करती है— | माइक्रोबियल प्रदूषण का उच्च स्तर | UK TET (I-V) 14.12.2018 |
| अम्लीय वर्षा का pH है— | 7.0 से कम तथा 5.6 से अधिक | UK TET (I-V) 14.12.2018 |
| अम्लीय वर्षा का कारण इसकी सांद्रता में वृद्धि है— | SO₂ तथा NO₂ | U TET (I-V) 28 April, 2015 / U TET (I-V) 2014 |
| अम्ल वर्षा में उपस्थित होता है— | HNO₃, H₂SO₄ | P TET (I-V) 2011 |
| जल प्रदूषण से होने वाले रोगों का समूह है— | हैजा, पेचिस, पोलियो, टाइफाइड | H TET (I-V) 2020 |
| 3. अन्य प्रमुख प्रदूषण | ||
| हरितगृह प्रभाव से पृथ्वी का ऊपरी भाग इस विकिरण को रोकता है— | इन्फ्रारेड किरणें | Assam TET (I-V) 10.11.2019 / PTET(I-V)-2011 |
| इस ग्रीन हाउस गैस में सर्वाधिक ऊष्मा-रोधी क्षमता होती है— | क्लोरोफ्लोरो कार्बन | H TET (I-V) 2012 |
| .......... गैस वायुमण्डल के तापमान को बढ़ाने में उत्तरदायी मानी जाती है। | कार्बन डाइऑक्साइड | P TET (I-V) 2011 |
| वैश्विक ताप के लिए जिम्मेदार है— | क्लोरो फ्लोरो कार्बन, कार्बन डाइऑक्साइड, मीथेन | P TET (I-V) 2011 |
| ग्रीन हाउस प्रभाव सर्वप्रथम पहचाना गया था— | जीन बैप्टिस्ट फूरियर द्वारा | P TET (I-V) 2011 |
| ‘पृथ्वी का उष्मायन’ का अर्थ है— | ग्रीन हाउस गैसों द्वारा पृथ्वी के तापमान में वृद्धि | U TET (I-V) 12 NOV, 2013 |
| महासागरों में जल स्तर वृद्धि का कारण है— | ध्रुवीय प्रदेश में बर्फ का पिघलना | UK TET (I-V) AUG, 2011 |
| ग्रीन हाउस गैस है— | मीथेन | UP TET (I-V) 27 JUN, 2013 |
| यह ग्रीनहाउस गैस वातावरण में सबसे अधिक मात्रा में उपस्थित रहती है— | कार्बन डाइऑक्साइड | UP TET (I-V) 18 Nov. 2018 |
| फ्लोराइड प्रदूषण मुख्य रूप से प्रभावित करता है— | दाँत | UK TET (I-V) 2021 |
| वृक्ष हमारे पर्यावरण का प्रदूषण कम करने में मदद करते हैं। प्रति वर्ष जुलाई के महीने में लोगों द्वारा लाखों पेड़ लगाए जाते हैं। यह अवसर कहलाता है— | वन महोत्सव | UK TET (I-V) 14.12.2018 |
| भोजन खाने के पश्चात प्लास्टिक की जिन प्लेटों को फेंक दिया जाता है, उन्हें दोबारा से उपयोग नहीं करना चाहिए, क्योंकि— | वे गैर-जैवअपघटनीय पदार्थों की बनी होती हैं | UK TET (I-V) 2021 |