CDP: बालकों के विकास के सिद्धांत वन लाइनर नोट्स 2

CDP: बालकों के विकास के सिद्धांत वन लाइनर नोट्स 2
विकास के परिप्रेक्ष्य में समय के साथ होने वाले परिवर्तनों में शामिल है— दर Punjab TET Paper-II (Class VI-VIII) 2011
बाल विकास में— गर्भावस्था से किशोरावस्था तक का अध्ययन होता है UP TET Paper-I (Class I-V) 23 Feb 2014
बाल विकास का अध्ययन क्षेत्र है— बाल विकास की विभिन्न अवस्थाओं का अध्ययन, वातावरण का बाल विकास पर पड़ने वाले प्रभावों का अध्ययन, व्यक्तिगत विभिन्नताओं का अध्ययन UP TET Paper-I (Class I-V) 23 Feb 2014
बाल मनोविज्ञान में अध्ययन किया जाता है— बालक के जन्म से पूर्व गर्भावस्था से लेकर किशोरावस्था तक का U TET Paper-2 2021
बाल मनोविज्ञान का क्षेत्र है— गर्भावस्था से किशोरावस्था की विशेषताओं का अध्ययन UP TET Paper-I (Class I-V) 2 Feb 2016
बाल-मनोविज्ञान के आधार पर सर्वोत्तम कथन है— प्रत्येक बच्चा विशिष्ट होता है DSSSB PRT
UKTET (I-V) 29 January 2011
HPTET (TGT) June, 2019
HPTET (TGT) February, 2016
HP TET (Arts) Feb. 2016
बाल मनोविज्ञान के अनुसार शिक्षा के क्षेत्र में मुख्य स्थान है— बालक का UP TET Paper-II (Class VI-VIII) 23 Feb 2014
बाल मनोविज्ञान का केंद्र बिंदु है— बालक UP TET Paper-I (Class I-V) 23 Feb 2014
II. बालकों के अध्ययन की विधियाँ
वह विधि जो एक नियंत्रित दशा में दो घटनाओं या परिस्थितियों के मध्य कार्य-कारण संबंध स्थापित करती है— प्रयोगात्मक विधि U TET Paper-2 2021
शिशुओं और छोटे बच्चों की समस्याओं के लिए उपयुक्त विधि है— अवलोकन CG TET (I-V) 2017
व्यवहारवादियों द्वारा प्रयुक्त अध्ययन की पद्धति थी— अवलोकन MP TET (VI-VIII) 21 Feb 2019 (9:30 AM)
निरीक्षण विधि में किया जाता है— दूसरों के व्यवहारों का अध्ययन Bihar TET Paper-I (Class I-V) 2017
CG TET (VI-VIII) 2016
Bihar TET Paper-I (Class I-V) 2013
कक्षा का एक शरारती बालक अन्य छात्रों को परेशान करता है। एक अध्यापक को उसकी समस्या का कारण जानने हेतु .......... का प्रयोग करना चाहिए। व्यक्तिगत अध्ययन विधि Haryana TET Paper-II (Class VI-VIII) 2011
जब विकासवादी सामान्य परिवर्तनों का अध्ययन करते हैं जो सभी मनुष्यों के लिए विशिष्ट हैं, तो इसे .......... के रूप में जाना जाता है। निदेशनात्मक विकास MP TET (VI-VIII) 28 Feb 2019 (9:30 AM)
एक निश्चित समय की अवधि के लिए समान बच्चों के अध्ययन को .......... अध्ययन के रूप में जाना जाता है। अनुदैर्ध्य (Longitudinal) MP TET (VI-VIII) 17 Feb 2019 (9:30 AM)
........ वह विधि है जिसमें किसी व्यक्ति को उसकी वृद्धि के दौरान, एक परिवर्तनीय अवधि के लिए समान व्यक्ति का प्रेक्षण और मापन करते हुए अध्ययन किया जाता है। अनुदैर्ध्य विधि MP TET (VI-VIII) 17 Feb 2019 (2:30 PM)
एक बच्चे की वृद्धि और विकास के अध्ययन की सर्वाधिक अच्छी विधि है— विकासीय विधि Punjab TET Paper-II (Class I-V) 2011
MP TET (VI-VIII) 16 Feb 2019 (9:30 AM)
किसी व्यक्ति के व्यवहार का उसकी समस्या में अध्ययन करने के लिए .......... का उपयोग किया जाता है। केस स्टडी विधि MP TET (VI-VIII) 26 Feb 2019 (9:30 AM)
बालक के व्यक्तिगत अध्ययन की मनोवैज्ञानिक विधि है— केस स्टडी DSSSB PRT
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