CDP: बालकों के विकास के सिद्धांत वन लाइनर नोट्स 3

CDP: बालकों के विकास के सिद्धांत वन लाइनर नोट्स 3
अध्ययन को लागू करने के लिए अध्ययन किया जाता है, जिसमें से कुछ व्यक्तियों को कम से कम दो लगातार अवसरों पर मापा जाता है— मिश्रित अनुदैर्ध्य MP TET (VI-VIII) 26 Feb 2019 (9:30 AM)
III. बाल विकास के सिद्धांत
मस्तिष्क का वह हिस्सा जो सभी प्रकार की संज्ञानात्मक, संवेगात्मक और प्रेरक क्रियाओं को संपादित करता है— अग्र मस्तिष्क U TET Paper-2 2021
विकास के पक्ष (क्षेत्र) जैसे कि शारीरिक, संज्ञानात्मक, सामाजिक और संवेगात्मक .......... प्रक्रिया से विकसित होते हैं— समग्रता और सांकल्यता (सम्पूर्णता) से H TET (I-V) 2018
विकास के सम्बन्ध में सही तथ्य है— यह आनुवांशिकी और वातावरण की अंतःक्रिया का परिणाम है H TET (I-V) 2018
विकासात्मक परिवर्तन परिणाम हैं— आनुवांशिक और पर्यावरणीय परिस्थितियों का अनूठा संयोजन CTET (I-V) 04.01.2022
विकासात्मक सिद्धांतवादी मानते हैं कि विकास की प्रक्रिया जीवन भर चलती रहती है। इस संदर्भ में बेहद महत्वपूर्ण भूमिका होती है— वातावरण एवं अनुभव CTET (VI-VIII) 20.12.2021
विकासात्मक प्रक्रिया में असंतुलन के मायने हैं— विकास की प्रक्रिया के दौरान उभरने वाले नए तरीके जो संसार को समझने में मदद करते हैं CTET (VI-VIII) 20.12.2021
विकास की दिशा और क्रम हर बच्चे के लिए समान होता है, लेकिन हर बच्चा अपनी गति से विकसित होता है। यह बाल विकास के .......... सिद्धांत को दर्शाता है। व्यक्तिगत भिन्नता CTET (VI-VIII) 21.12.2021
“बच्चे का विकास एक सीधा पथ नहीं है, यह आगे बढ़ता है फिर पीछे मुड़ता है फिर आगे बढ़ता है।” उपरोक्त वाक्य विकास के .......... सिद्धांत को दर्शाता है। चक्रीय प्रगति का सिद्धांत CTET (VI-VIII) 22.12.2021
विशेष अवधि के दौरान, विकास प्रगति करता है लेकिन इस अवधि में समायोजन के लिये विराम करता है। यह विकास के .......... नियम के अनुसार होता है। चक्रीय प्रगति का सिद्धांत Haryana TET Paper-II (Class VI-VIII) 2013
“विकास जीवन पर्यन्त चलने वाली प्रक्रिया है जिसका अंत नहीं होता है।” यह कथन आधारित है— निरंतरता के सिद्धांत पर CTET (VI-VIII) 28.12.2021
बाल विकास के सिद्धांतों के संदर्भ में सत्य कथन है— विकास, शरीर के केंद्रीय भाग से बाहरी भाग की तरफ होता है CTET (I-V) 21.01.2022
“विकास कभी न समाप्त होने वाली प्रक्रिया है।” यह कथन सम्बंधित है— निरंतरता का सिद्धांत UP TET (I-V) 8 Jan. 2020
DSSSB PRT
CTET (I-V) 2011
जब एक पीपल का पौधा बढ़कर वृक्ष बनता है तब वह अधिक बड़ा पीपल बन जाता है। यह मत प्रदर्शित करता है विकास की .......... को। निरंतरता CG TET (I-V) 2017
क्रमिक विकास से तात्पर्य है— वह विकास जो निरंतर चले HP TET June 2019
HP TET (Arts) Nov. 2019
CTET (VI-VIII) 01.01.2022
विकास का शारीरिक सिद्धांत प्रतिपादित करता है कि— विकास सिर से पांव तक होता है MP TET Paper-I (Class I-V) 2011
क्रियात्मक विकास का मस्तकाधोमुखी नियम .......... विकास को बताता है। मस्तक से पैर के अंगूठे तक CG TET (I-V) 2017
बालकों में शारीरिक तथा गत्यात्मक विकास की दिशा होती है— शीर्षाधोमुखी, समीपदूरानुक्रम UP Assistant Teacher (I-V) 6 Jan. 2019
CG TET (I-V) 2016
“विकास दिशात्मक है- सिर से पैरों की ओर” यह आधारित है— शीर्षाधोमुखी सिद्धांत CTET (I-V) 29.12.2021
घुटनों के चलने से पहले बच्चा अपना सिर उठाने में सक्षम होता है। ऐसा .......... के संचालन के कारण होता है। शीर्षाधोमुखी (सेफालोकौडल) सिद्धांत MP TET (VI-VIII) 28 Feb 2019 (9:30 AM)
विकास अनुदैर्ध्य (अनुवर्ती) अक्ष की दिशा में आगे बढ़ता है। विकास का यह सिद्धांत कहलाता है— शीर्षाधोमुखी CTET (VI-VIII) 23.12.2021
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