संस्कृत: वन लाइनर नोट्स 21
| ‘वाषि’ अत्र विभक्तिः— | सप्तमी | MP वर्ग-2, 22-02-2019 |
| ‘विषयस’ इति पदस्य मूलरूपम्— | विषयस | MP वर्ग-2, 22-02-2019 |
| उभ शब्दस्य चतुर्थी रूप— | उभाभ्याम् | MP वर्ग-2, 24-02-2019 |
| पुलिङ्ग-गृहशब्दः .......... प्रयुज्यते। | बहु वचने | MP वर्ग-2, 24-02-2019 |
| अस्माकं शब्दस्य मूलरूपम्— | अस्मद् | MP वर्ग-2, 24-02-2019 |
| ‘धाति’ इत्यस्य मूलरूपम्— | धातु | MP वर्ग-2, 22-02-2019 |
| स्त्रीलिङ्गे भवत् शब्दस्य चतुर्थीविभक्तेः रूपम्— | भवत्यै | MP वर्ग-2, 22-02-2019 |
| ‘वस्तु’ अत्र विभक्तिः— | षष्ठी | MP वर्ग-2, 22-02-2019 |
| ‘मधुरे फले’ अत्र द्विवचनम्— | द्विवचनम् | MP वर्ग-2, 22-02-2019 |
| राजन् शब्दस्य षष्ठीविभक्तेः बहुवचनरूपम्— | राज्ञाम् | MP TET वर्ग-2, 25.2.19 |
| ‘धेनु’ पदस्य मूलरूपम्— | धेनु | MP वर्ग-2, 25-02-2019 |
| ‘अहं मातरस्य गर्भे सुखेन धारयामि’ अत्र ‘सुखेन’ इति शब्दस्य रूप— | सप्तमी-एकवचनम् | MP TET 3.3.19 |
| मिश्रप्रकृति पद चिन्ह— | मति | MP TET 26.2.19 |
| ‘अभिनेता’ इति पुल्लिङ्गशब्दस्य स्त्रीलिङ्ग शब्दः .......... स्यात्। | अभिनेत्री | MP TET 28.2.19 |
| ‘तपः’ अत्र अयं लिङ्गः— | नपुंसकलिङ्ग | MP TET 18.2.19 |
| विद्वान् शब्दस्य पुल्लिङ्ग द्वितीया बहुवचनम्— | विद्वांसः | MP TET 2.3.19 |
| ‘मातृ’ शब्दस्य अन्तः परिवर्तनम्— | ऋकारान्त | MP TET वर्ग-2, 18.2.19 |
| ‘जातः’ इति पदस्य विभक्तिः भवति— | षष्ठी | MP TET 1.3.19 |
| ‘दिवः’ इति पदस्य मूलरूपम्— | द्युस् | MP TET वर्ग-2, 18.2.19 |
| आस्मिन् इति शब्दरूपस्य विभक्तिः— | सप्तमी | MP TET 1.3.19 |
| ‘मातृ’ शब्दस्य सप्तमी-एकवचनम्— | मातरि | MP TET 26.2.19 |
| मति इति पदस्य मूलरूपम्— | मतिन् | MP TET 6.3.19 |
| ‘घट’ शब्दस्य षष्ठी बहुवचनम्— | घटानाम् | MP TET 6.3.19 |
| कक्षु शब्दः .......... वर्तते। | स्वादिगणः | MP TET 6.3.19 |
| ‘गावः’ इति .......... अस्ति। | बहुवचन | MP TET 6.3.19 |
| ‘आशिष्’ इति शब्दस्य लिङ्गः अस्ति— | स्त्रीलिङ्ग | MP TET 6.3.19 |
| ‘स्व’ शब्दस्य सप्तमी-एकवचनम्— | स्वस्मिन् | MP TET 28.2.19 |
| ‘चन्द्रमा’ इति शब्दः— | पुंलिङ्ग, तृतीया-विभक्त्यन्तः | MP TET 28.2.19 |
| पुत्र शब्दस्य द्वितीया बहुवचनम्— | पुत्रान् | MP TET वर्ग-2, 18.2.19 |
| ‘स्वामी’ इति पदस्य मूलरूपम्— | स्वामिन् | MP TET वर्ग-2, 18.2.19 |
| कलश शब्दः .......... वर्तते। | नपुंसकलिङ्गे | MP TET वर्ग-2, 18.2.19 |
| राजन् शब्दस्य चतुर्थी-एकवचनरूपम्— | राज्ञे | MP TET 28.2.19 |
| चन्द्रमसः इति पदस्य मूलरूपम्— | चन्द्रमस् | MP TET 7.3.19 |
| धर्मराजः शब्दस्य प्रथमा-एकवचनस्य रूप— | धर्मराजः | MP TET 1.3.19 |
| पाणिनि ..........। | सप्तमी | MP वर्ग-2, 17.2.19 |
| ‘पदे’ इति .......... विभक्तिः वर्तते। | सप्तमी | MP वर्ग-2, 17.2.19 |
| द्वाराणि .......... वर्तते। | बहुवचने | MP वर्ग-2, 17.2.19 |
| ‘गुणान्’ इति पदस्य प्रातिपदिक— | गुण | MP वर्ग-2, 17.2.19 |