संस्कृत: वन लाइनर नोट्स 22
| ‘पठानि’ रूप है— | पठ धातु लोट् लकार उत्तमपुरुष एकवचन | UP TET (RE Exam.) 2021 |
| ‘ददति’ रूप है— | लट् लकार, प्रथमपुरुष, बहुवचन | [UP TET, Jan. 2020 (I-V)] [UP TET, June 2013 (VI-VIII) Language Teacher] |
| ‘भू’ धातु का लोट् लकार, मध्यम पुरुष, एकवचन रूप है— | भव | [UP TET, Jan. 2020 (I-V)] MP वर्ग-2, 21.2.2019 |
| ‘एच्छति’ क्रियापद में प्रयुक्त लकार है— | लट् | [UP TET, Jan. 2020 (VI-VIII)] |
| ‘इच्छामि’ दृश धातु का रूप है— | प्रथम पुरुष द्विवचन | UPTET (VI-VIII) Exam. 2022 UPTET October-2017 (VI-VIII) |
| ‘ज्ञा’ धातु लिट् लकार उत्तम पुरुष एकवचन का रूप है— | जज्ञे | UPTET (VI-VIII) Exam. 2022 UPTET October-2017 (VI-VIII) |
| हन् धातु, लट् लकार, प्रथम पुरुष, बहुवचन का रूप है— | घ्नन्ति | UPTET (VI-VIII) Exam. 2022 UPTET October-2017 (VI-VIII) |
| लभ् धातु, लोट् लकार, उत्तम पुरुष का एकवचन रूप है— | लभे | UPTET (VI-VIII) Exam. 2022 UPTET October-2017 (VI-VIII) |
| सः छात्रः अस्ति। रेखांकित क्रियापद लङ्लकारे परिवर्तय— | आसीत् | - |
| “माता भोजनं पचति।” वाक्ये लङ्लकारे परिवर्तन— | माता भोजनं अपचत् | - |
| ‘पठति’ इति पद लट् परिवर्तन— | पठिष्यति | - |
| ‘विद्यालये संस्कृताध्यापनं पालनीयम्।’ रेखांकित पदे लकारः अस्ति— | लुट् लकार | REET (I-V) Exam. 2021 |
| ‘अपश्यत्’ इति शब्दे .......... | लङ् लकार | UK TET (I-V)-2019 |
| पृच्छ् धातोः लुट् लकारे मध्यम पुरुष द्विवचन रूप लिखित— | प्रक्ष्यथः | UK TET (I-V)-2019 |
| पश्यामः इति क्रियापदस्य लकारः अस्ति— | लोट् लकार | UK TET (I-V)-2019 |
| ‘भवेत्’ इति पदे पुरुषः— | मध्यमपुरुष | UK TET (VI-VIII)-2020 |
| ‘कृ’ धातोः विधिलिङ्लकारे मध्यमपुरुष-एकवचन रूप भवति— | कुर्यात् | UK TET (I-V)-2020 |
| ‘मन्ये’ इत्यस्य क्रियापद— | मन् | REET Level-II-2021 |
| ‘छात्रः पठति’ इत्यत्र क्रियायाः लकारः अस्ति— | विधिलिङ्लकार | REET LEVEL-II-2015 |
| शिक्षा शब्द मूलधातु वर्तते— | शिक्ष् | REET LEVEL-II-2015 |
| ‘भवेत्’ इत्यत्र .......... प्रयुक्त। | विधिलिङ्लकार | REET (I-V)-2017 |
| ‘भविष्यति’ इत्यत्र .......... प्रयुक्त। | लट्लकार | REET (I-V)-2017 |
| ‘अस्य’ धातोः लोट् लकारस्य मध्यमपुरुषवचन रूपमस्ति— | एधि | REET (I-V)-2011 |
| ‘सह’ धातोः लट् लकारस्य उत्तमपुरुषवचन रूप भवति— | सहे | REET (I-V)-2011 |
| ‘कृ’ धातोः लट् लकारस्य उत्तमपुरुष बहुवचन रूप विधीयते— | कुर्मः | REET (I-V)-2011 |
| ‘पा’ धातोः लट् लकारस्य प्रथमपुरुष बहुवचन रूप अस्ति— | पान्ति | REET (I-V)-2011 |
| ‘स्था’ धातोः लट्लकारे मध्यमपुरुषस्य बहुवचन रूप भवति— | तिष्ठथ | REET (I-V)-2011 |
| ‘लभ्’ धातोः लोट् लकारे उत्तमपुरुष बहुवचन भवति— | लभामहे | REET (I-V)-2011 |
| ‘वयम् आत्मानं जयेम’ रेखांकितपदम् अस्ति— | विधिलिङ्लकारस्य उत्तमपुरुष बहुवचन | REET (I-V)-2011 |
| ‘सः अत्र स्थितः’ रेखांकित शब्दे मूल धातु तथा लकार है— | स्था, विधिलिङ् लकार | MPTET 6-3-2019 UPTET June-2013 (I-V) |
| ‘अस्’ धातु लङ्लकार मध्यमपुरुष द्विवचन का रूप है— | आस्ताम् | UPTET June-2013 (I-V) |
| ‘पठताम्’ रूप इस लकार, पुरुष एवं वचन का है— | लोट्लकार, प्रथमपुरुष, द्विवचन | UPTET June-2013 (I-V) |
| संस्कृत में धातुरूप कहते हैं— | क्रियापद को | UPTET June-2013 (I-V) |